उत्तर प्रदेश

सार्वजनिक अवकाश में खुला स्कूल फिर नहर में पलटी बच्चों से भरी बस, प्रबंधन को नोटिस

Kavita2
2 Sept 2026 5:47 PM IST
सार्वजनिक अवकाश में खुला स्कूल फिर नहर में पलटी बच्चों से भरी बस, प्रबंधन को नोटिस
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश के दिन स्कूल संचालित किए जाने और इसके बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही मिनी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है। नेमत नगर स्थित इकरा पब्लिक स्कूल को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। प्रबंधन से आठ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जानकारी के अनुसार बुधवार को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित था। इसके बावजूद नेमत नगर स्थित इकरा पब्लिक स्कूल संचालित किया जा रहा था। स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चों को मिनी बस से उनके घर पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान सिन्दूरी (निजामुद्दीन पट्टी) गांव के पास स्कूल की मिनी बस अनियंत्रित होकर नहर के माइनर में पलट गई।

हादसे में चार बच्चे और एक शिक्षिका घायल हो गए। दुर्घटना की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर सार्वजनिक अवकाश में स्कूल खोलने समेत कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

अवकाश के बावजूद क्यों खुला स्कूल?

मामले में सबसे बड़ा सवाल सार्वजनिक अवकाश के दिन विद्यालय संचालित किए जाने को लेकर उठ रहा है। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर छुट्टी होने के बावजूद स्कूल में बच्चों को बुलाया गया था। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।

खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में स्कूल संचालन और उससे जुड़े पहलुओं पर जानकारी मांगी गई है। विभाग यह जानना चाहता है कि सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद स्कूल किस आधार पर खोला गया और बच्चों को विद्यालय क्यों बुलाया गया।

हादसे के बाद यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया क्योंकि छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर जा रही स्कूल की मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

नहर के माइनर में पलटी स्कूल बस

स्कूल की छुट्टी के बाद मिनी बस बच्चों को उनके घर छोड़ने के लिए निकली थी। बस जब सिन्दूरी गांव के पास पहुंची तो चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद मिनी बस सड़क से उतरकर नहर के माइनर में पलट गई।

बस में स्कूली बच्चे और एक शिक्षिका मौजूद थीं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में चार बच्चे और एक शिक्षिका घायल हो गए।

स्कूल वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर फैलते ही अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई। बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने तक की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था से जुड़ी होती है। ऐसे में इस हादसे के बाद स्कूल की परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

आठ बिंदुओं पर मांगा गया जवाब

मामले का संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इकरा पब्लिक स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। स्कूल से आठ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिक्षा विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि मामले की जांच केवल सार्वजनिक अवकाश में स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है। विद्यालय के संचालन और हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

स्कूल प्रबंधन की ओर से जवाब मिलने के बाद शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई पर फैसला कर सकता है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। स्कूल बसों और अन्य वाहनों के जरिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे घर से स्कूल और स्कूल से घर आते-जाते हैं। ऐसे में वाहनों की फिटनेस, चालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं होती। स्कूल की ओर से संचालित परिवहन व्यवस्था में भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

इस मामले में दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मिनी बस किस वजह से अनियंत्रित हुई। वाहन में किसी तरह की तकनीकी समस्या थी या हादसे के पीछे कोई अन्य वजह थी, इसे लेकर संबंधित अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

अभिभावकों में चिंता

स्कूल बस के नहर के माइनर में पलटने की घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में चिंता स्वाभाविक है। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार हादसे में चार बच्चों और एक शिक्षिका के घायल होने की बात सामने आई है।

इस तरह की दुर्घटनाएं स्कूल परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किए जाने की जरूरत को सामने लाती हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों को लेकर किसी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।

विभाग के जवाब का इंतजार

अब स्कूल प्रबंधन को शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस का जवाब देना होगा। आठ बिंदुओं पर मांगे गए स्पष्टीकरण के आधार पर विभाग मामले की आगे समीक्षा करेगा।

सार्वजनिक अवकाश में विद्यालय संचालित करने का कारण क्या था, स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को बुलाने का फैसला क्यों लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन से जुड़े नियमों का कितना पालन किया गया, जैसे सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ सकते हैं।

फिलहाल खंड शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई के बाद मामला शिक्षा विभाग की जांच के दायरे में आ गया है। स्कूल प्रबंधन के स्पष्टीकरण और अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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