उत्तर प्रदेश

सर्दियों में बदलेगा स्कूली भोजन का स्वाद, बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त पोषण

nidhi
21 Oct 2026 11:50 AM IST
सर्दियों में बदलेगा स्कूली भोजन का स्वाद, बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त पोषण
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मिड-डे मील के साथ हलवा और उपमा भी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को सर्दियों के दौरान मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त सूजी का मीठा हलवा और नमकीन उपमा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में यह व्यवस्था नवंबर 2026 से शुरू होगी और फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक चलेगी। कुल 14 सप्ताह के कार्यक्रम में निर्धारित शुक्रवार को बच्चों को अतिरिक्त व्यंजन परोसा जाएगा।
नई व्यवस्था में महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को मीठा हलवा मिलेगा। दूसरे, चौथे और पांचवें शुक्रवार को नमकीन उपमा दिया जाएगा। किसी निर्धारित शुक्रवार को विद्यालय में अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस में इसका वितरण किया जाएगा। यह अतिरिक्त भोजन नियमित मिड-डे मील के साथ मिलेगा।
बच्चों और अभिभावकों के लिए वितरण का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:निर्धारित दिन मिलने वाला व्यंजन
महीने का पहला और तीसरा शुक्रवार सूजी का मीठा हलवा
दूसरा, चौथा और पांचवां शुक्रवार नमकीन उपमा
शुक्रवार को अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस में वितरण
प्रत्येक बच्चे के लिए कम से कम 30 ग्राम सूजी का इस्तेमाल करके व्यंजन तैयार किया जाएगा। यह मात्रा कच्ची सूजी की है; तैयार हलवे या उपमा का कुल वजन 30 ग्राम निर्धारित होने का अर्थ नहीं है। उपमा बनाने में सूजी के साथ तेल, मौसमी सब्जियां, मूंगफली और मसालों का उपयोग होगा। मीठे हलवे में चीनी और नारियल जैसी सामग्री शामिल की जाएगी। jagran.com
योजना का लाभ प्रधानमंत्री पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा। नवंबर से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम सर्दियों में विद्यार्थियों को नियमित भोजन के साथ अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। इसे प्रदेश के प्रत्येक निजी विद्यालय पर लागू व्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सामग्री स्थानीय स्तर पर खरीदी जाएगी। पैकेटबंद सामग्री भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप और निर्धारित उपयोग अवधि के भीतर होनी चाहिए। भोजन तैयार करने और वितरण में इन निर्देशों का पालन करना होगा। कार्यक्रम की निगरानी टास्क फोर्स, सामाजिक अंकेक्षण और विद्यालय प्रबंध समिति तथा माता समूह के माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था से भोजन की गुणवत्ता और बच्चों तक निर्धारित व्यंजन पहुंचने पर नजर रखी जाएगी।
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