उत्तर प्रदेश

राम मंदिर के 15 किमी दायरे में नॉनवेज बिक्री पर रोक का संतों ने किया स्वागत

SHIDDHANT
10 Jan 2026 7:38 PM IST
राम मंदिर के 15 किमी दायरे में नॉनवेज बिक्री पर रोक का संतों ने किया स्वागत
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहार की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर संत समाज ने संतोष और समर्थन व्यक्त किया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्याधाम स्थित सकट भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से संतों और धार्मिक नेताओं की मांग रही है। उन्होंने इसे अयोध्या की धार्मिक मर्यादा, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक वातावरण की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र है, बल्कि यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और संत दर्शन एवं परिक्रमा के लिए आते हैं। ऐसे पवित्र क्षेत्र में नशा, मांसाहार और अन्य निषिद्ध वस्तुओं की बिक्री से धार्मिक भावनाएं आहत होती रही हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज लंबे समय से यह मांग कर रहा था कि पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और राम मंदिर के आसपास पूर्ण रूप से सात्विक वातावरण कायम किया जाए।
उन्होंने अयोध्या प्रशासन के इस निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज प्रशासन ने साहसिक और प्रशंसनीय पहल की है। यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करता है, बल्कि अयोध्या को उसकी मूल धार्मिक पहचान के अनुरूप विकसित करने में भी सहायक होगा। महंत ने यह भी कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां के नियम भी उसी गरिमा के अनुरूप होने चाहिए।
महंत सीताराम दास महाराज के अनुसार, इस प्रतिबंध से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को शुरू में कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह निर्णय अयोध्या के हित में साबित होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग यहां व्यवसाय करते हैं, उन्हें भी इस बात को समझना चाहिए कि धार्मिक स्थलों की अपनी मर्यादा और सीमाएं होती हैं। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था और उचित मार्गदर्शन देने से संतुलन बनाया जा सकता है।
संत समाज का मानना है कि इस तरह के निर्णय से अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पवित्र, शांत और सकारात्मक वातावरण मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और अयोध्या की छवि एक आदर्श तीर्थ नगरी के रूप में स्थापित होगी। महंत ने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने अंत में कहा कि यदि सरकार, प्रशासन और संत समाज मिलकर काम करें, तो अयोध्या को पूरी तरह सात्विक, नशामुक्त और अनुशासित धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा सकता है। संतों को उम्मीद है कि यह फैसला अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा और आस्था की रक्षा के लिए ऐसे कदम भविष्य में भी उठाए जाएंगे।
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