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कानपुर। यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले शास्त्री नगर निवासी मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद बुधवार शाम उनके घर पहुंचा। लंबे इंतजार के बाद जब एंबुलेंस से सागर का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पति का पार्थिव शरीर देखते ही पत्नी शालू गुप्ता भावुक हो गईं और शव से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गईं।
सागर गुप्ता के घर पर पहले से ही बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और स्थानीय लोग मौजूद थे। जैसे ही एंबुलेंस घर के बाहर पहुंची, माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू थे और हर कोई सागर को याद कर भावुक नजर आया।
जानकारी के अनुसार, मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत सागर गुप्ता की मौत यूक्रेन में हुए ड्रोन हमले में हुई थी। घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में समय लगा। करीब 18 दिनों के इंतजार के बाद बुधवार शाम उनका शव उनके पैतृक घर पहुंच सका।
परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन रहा। परिजन लगातार सागर के पार्थिव शरीर के घर आने का इंतजार कर रहे थे। शव पहुंचने के बाद परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारियां शुरू कर दीं।
स्वजन ने सागर गुप्ता को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सागर ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जान गंवाई है और सरकार को उन्हें सम्मान देना चाहिए। परिवार ने मांग की है कि उनके बलिदान को उचित पहचान मिले।
परिजनों के अनुसार, सागर गुप्ता अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सेवाएं दीं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ उनके परिचितों और क्षेत्र के लोगों में भी शोक का माहौल है।
सागर के पार्थिव शरीर को फिलहाल परिवार ने फ्रीजर में सुरक्षित रखा है। गुरुवार को भैरोघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने भी सागर गुप्ता के निधन पर दुख जताया है। उनका कहना है कि सागर एक जिम्मेदार और मेहनती व्यक्ति थे। उनके जाने से परिवार को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि सागर की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। उनके अचानक निधन ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। पत्नी शालू और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कई लोग घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं।
सागर गुप्ता की अंतिम विदाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाने की संभावना है।
मर्चेंट नेवी में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यह घटना दुखद बताई जा रही है। सहकर्मियों ने सागर के काम और व्यवहार को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
परिवार की ओर से सागर को सम्मान देने की मांग अब प्रमुखता से उठाई जा रही है। स्वजन का कहना है कि उनके बलिदान को देखते हुए सरकार को उचित निर्णय लेना चाहिए।
फिलहाल परिवार सागर गुप्ता को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटा है। गुरुवार को भैरोघाट पर होने वाले अंतिम संस्कार के साथ एक लंबे इंतजार का अंत होगा, लेकिन परिवार के लिए यह दुख हमेशा बना रहेगा।





