उत्तर प्रदेश

कैब से डिलीवरी तक बदले नियम योगी सरकार का नया फैसला लागू

Ratna Netam
21 Aug 2026 5:17 PM IST
कैब से डिलीवरी तक बदले नियम योगी सरकार का नया फैसला लागू
x
उत्तर प्रदेश : ऑनलाइन कैब और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी, बाइक टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं को लेकर नई नियमावली लागू कर दी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, सेवा की गुणवत्ता और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों के अधिकारों को बेहतर बनाना है।
नई नियमावली के तहत अब ओला, उबर जैसी ऐप आधारित कैब सेवाओं और अन्य ऑनलाइन परिवहन कंपनियों को सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इसके अलावा फूड डिलीवरी और अन्य ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कुछ नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है और लाखों लोग इन प्लेटफॉर्म से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि यात्रियों और सेवा प्रदाताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक व्यवस्थित नियम बनाया जाए।
ऐप आधारित सेवाओं को करना होगा पंजीकरण
नई नियमावली के अनुसार, प्रदेश में काम करने वाली सभी ऐप आधारित एग्रीगेटर कंपनियों को संबंधित विभाग के साथ पंजीकरण कराना होगा। बिना अनुमति या नियमों का पालन किए संचालन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए बनाई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सेवा मिले। साथ ही कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय हो सके।
ड्राइवरों के लिए भी तय होंगे नियम
नई नीति में कैब और बाइक टैक्सी चालकों के लिए भी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। चालकों के दस्तावेज, वाहन की फिटनेस, बीमा और अन्य जरूरी मानकों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए भी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। अगर किसी चालक या कंपनी के खिलाफ गंभीर शिकायत आती है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिलीवरी कर्मचारियों के हितों पर भी ध्यान
ऑनलाइन फूड और सामान डिलीवरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी नई नियमावली में प्रावधान किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि गिग वर्कर्स यानी ऐप आधारित काम करने वाले कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकें।
डिलीवरी कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, भुगतान व्यवस्था और शिकायत समाधान को लेकर भी कंपनियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता
सरकार ने नई नियमावली में यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। कैब में यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था मिले, इसके लिए कंपनियों को जरूरी कदम उठाने होंगे।
वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन, ड्राइवर की जानकारी उपलब्ध कराना और शिकायत प्रणाली को प्रभावी बनाना नई व्यवस्था का हिस्सा है।
मनमाने किराए और सेवा संबंधी शिकायतों पर नजर
ऐप आधारित कैब सेवाओं में कई बार किराए को लेकर यात्रियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था के बाद कंपनियों को किराया निर्धारण और सेवा शुल्क से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
सरकार का उद्देश्य है कि यात्रियों को पारदर्शी तरीके से सेवा मिले और किसी भी तरह की मनमानी पर रोक लगाई जा सके।
बढ़ते डिजिटल बाजार को व्यवस्थित करने की कोशिश
आज के समय में ओला, उबर, स्विगी, जोमैटो और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। लेकिन तेजी से बढ़ते इस क्षेत्र में नियमों की कमी के कारण कई समस्याएं भी सामने आती रही हैं।
नई नियमावली के जरिए सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसमें जुड़े लोगों और ग्राहकों के हितों को सुरक्षित करना चाहती है।
कंपनियों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐप आधारित कंपनियों को केवल तकनीकी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें सेवा की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार माना जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ सकता है और डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम तेजी से बदलते परिवहन और डिलीवरी क्षेत्र को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नई नियमावली लागू होने के बाद कंपनियां और सेवा प्रदाता इसे किस तरह अपनाते हैं और इसका आम लोगों पर कितना असर पड़ता है।
Next Story