उत्तर प्रदेश

मदरसा सर्वे को लेकर आरएसएस की विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच हुई सक्रिय

Admin Delhi 1
6 Oct 2022 8:08 AM GMT
मदरसा सर्वे को लेकर आरएसएस की विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच हुई सक्रिय
x

मेरठ न्यूज़: गैर मान्यता प्राप्त मदरसोें के सर्वे को लेकर मेरठ प्रशासन द्वारा बरती जा रही ढील का मामला आरएसएस के दरबार में पहुंचने से हड़कम्प मच गया है। अनुदानित मदरसों के अध्यापकों ने भी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के इशारे पर चुप्पी साध ली है। मदरसा दारुल उलूम के कारी सलमान कासमी सहित सर्वे टीम में शामिल कोई भी अध्यापक कुछ भी बोलने को जरा भी तैयार नहीं है।

उधर, राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से संबधित संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मामले में सक्रियता दिखाते हुए जिला प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई करने का दबाव बनाया है। इस संबध में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की मदरसा शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक मजाहिर खान ने जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात कर मामले में तेजी लाने के लिए कहा है। दैनिक जनवाणी में मदरसा सर्वे को लेकर लगातार छप रही खबरों का आरएसएस पदाधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। इसी आधार पर उन्होंने जिला प्रशासन से गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे में जमीनी कार्रवाई करने के लिए कहा है। मजाहिर खान का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की यह ढिलाई अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है क्योंकि शासन के साफ निर्देश हैं कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। यहां सवाल यह है कि इस सर्वे के लिए एसडीएम, डीएमओ व बीएसए की जो तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी उसमें से मदरसों के सर्वे पर कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सभी ने चुप्पी साध रखी है। अनुदानित मदरसों से संबद्ध कारी सलमान कासमी ने टीम गठित होने के बाद सर्वे के पहले ही दिन यह साफ कर दिया था कि उन्हें डीएमओ ने पांच दिन में सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उधर, मामले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुं वर बासित अली भी खासे सक्रिय हैं। वो पूर्व में ही इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर सर्वे में पारदर्शिता बरतने के लिए कह चुके हैं। अब सवाल यह है कि शासन बड़ा या फिर मेरठ प्रशासन? क्योंकि प्रशासन या तो गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है या फिर सब कुछ अपने हिसाब से करना चाहता है और अगर ऐसा नहीं है तो फिर आखिर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मदरसा सर्वे की स्थिति पर कुछ भी बताने से क्यों बच रहा है।

Next Story