उत्तर प्रदेश

यमुनापार में जनता को पेयजल की भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिए वाटर वर्क्स के लिए 58 करोड़ रुपये

Admindelhi1
28 March 2024 6:27 AM GMT
यमुनापार में जनता को पेयजल की भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिए वाटर वर्क्स के लिए 58 करोड़ रुपये
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वाटर वर्क्स और पेयजल नेटवर्क विकसित किया जाएगा

आगरा: महानगर में यमुनापार की जनता को पेयजल की भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिए वहां नया वाटर वर्क्स और पेयजल नेटवर्क विकसित किया जाएगा. करीब 412 करोड़ रुपये की लागत बनने वाले 80 एमएलडी के नए वाटर वर्क्स और पेयजल नेटवर्क का योजना का पिछले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से शिलान्यास किया था.

यमुनापार क्षेत्र में पेयजल का भीषण संकट है. क्षेत्र के करीब 25 फीसदी हिस्से में जलकल विभाग के जीवनी मंडी से जलापूर्ति होती है. करीब फीसदी हिस्से को नलकूप योजना से पानी दिया जाता है. शेष क्षेत्र में लोग पानी के लिए परेशान रहते हैं. वहां निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ता है. इसलिए वहां टैंकर माफिया सक्रिय हो गया है. क्षेत्र की जनता वहां वर्षों से वाटर वर्क्स की मांग कर रही थी. क्षेत्रीय विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने बताया कि को मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रदेश भर में नगर विकास विभाग की करीब 11 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था. इनमें यमुनापार में वाटर वर्क्स की योजना के लिए 58 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है.

पेठा नगरी भी हो सकेगी गुलजार धर्मपाल: यमुनापार इलाके में पेयजल की किल्लत के कारण विकास रुक गया था. यहां विकास प्राधिकरण ने कालिंदी विहार योजना में पेठा नगरी बसाई थी लेकिन कारोबारियों को पानी नहीं मिला. इसकी वजह से पेठा कारोबार यहां शिफ्ट नहीं हो सका. कालिंदी विहार योजना भी पानी की वजह से अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सकी. क्षेत्र के हालात यह हैं कि अव्वल तो भूजल स्रोत खाली हैं. यदि कहीं पानी मिल भी जाता है तो वह खारी है. पीने योग्य नहीं है. विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने कहा कि यह बड़ा काम हुआ है. नया वाटर वर्क्स के बनने से न केवल पेठा नगरी को बसाया जा सकेगा बल्कि क्षेत्र के विकास को भी पंख लग जाएंगे.

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