उत्तर प्रदेश

पितृ अमावस्या पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रूट डायवर्जन, अमरोहा पुलिस ने पूरी की तैयारी

Kavita2
9 Oct 2026 9:13 AM IST
पितृ अमावस्या पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रूट डायवर्जन, अमरोहा पुलिस ने पूरी की तैयारी
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अमरोहा। पितृ अमावस्या के अवसर पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर अमरोहा में रूट डायवर्जन लागू किया जा रहा है। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह डायवर्जन 10 अक्टूबर की शाम तक लागू रहेगा। बृजघाट और तिगरी गंगाधाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।

पितृ अमावस्या पर गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। अमरोहा जिले के बृजघाट और तिगरी गंगाधाम में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस और संबंधित विभागों ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। रूट डायवर्जन का उद्देश्य भीड़ के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखना और वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए लिया फैसला

पितृ अमावस्या के दौरान गंगा घाटों पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। बृजघाट और तिगरी गंगाधाम में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से यातायात व्यवस्था तैयार की है। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रूट डायवर्जन लागू किया जा रहा है।

अमरोहा में हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में जाम लगने की आशंका रहती है। धार्मिक आयोजन के दौरान निजी वाहनों के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही भी जारी रहती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखना पुलिस के सामने अहम चुनौती है। रूट डायवर्जन के जरिए वाहनों को निर्धारित मार्गों से गुजारने और भीड़ को व्यवस्थित रखने की तैयारी की गई है।

10 अक्टूबर की शाम तक लागू रहेगा डायवर्जन

पुलिस के अनुसार, दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर अमरोहा में रूट डायवर्जन आज से शुरू होकर 10 अक्टूबर की शाम तक लागू रहेगा। इस अवधि में वाहन चालकों को यातायात व्यवस्था के अनुसार चलना होगा। पुलिस ने डायवर्जन को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है, ताकि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच आवागमन प्रभावित न हो।

डायवर्जन लागू रहने के दौरान वाहन चालकों को रास्तों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। यातायात व्यवस्था में किए गए बदलावों के कारण वाहन चालकों को अपने सफर की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय रखना चाहिए। खासकर दिल्ली और लखनऊ के बीच हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले रूट की स्थिति की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में डायवर्जन के तहत किन वाहनों को किस वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा, इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए वाहन चालकों को मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।

बृजघाट और तिगरी गंगाधाम में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

पितृ अमावस्या के अवसर पर बृजघाट और तिगरी गंगाधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लोग अपने पूर्वजों के निमित्त गंगा स्नान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इसी कारण गंगा घाटों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

अमरोहा जिले में स्थित इन दोनों प्रमुख गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। भीड़ बढ़ने के साथ ही घाटों के आसपास और वहां पहुंचने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ सकता है। इसे देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ हाईवे से गुजरने वाले अन्य यात्रियों के आवागमन को संभालने की जिम्मेदारी भी है। रूट डायवर्जन इसी व्यवस्था का हिस्सा है, ताकि धार्मिक आयोजन के दौरान वाहनों की आवाजाही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में समन्वय बना रहे।

वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील

रूट डायवर्जन के दौरान वाहन चालकों को धैर्य बनाए रखने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी। हाईवे पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में जल्दबाजी करना या निर्धारित मार्ग से अलग जाने का प्रयास करना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान पुलिस के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को पितृ अमावस्या के दौरान संभावित भीड़ और डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनानी चाहिए। बृजघाट और तिगरी गंगाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी रास्ते में यातायात व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।

फिलहाल, पितृ अमावस्या पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए अमरोहा पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर 10 अक्टूबर की शाम तक रूट डायवर्जन लागू रहने से यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने की कोशिश की जाएगी। अब व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वाहनों की आवाजाही को किस तरह सुचारु रखा जाता है और श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में कितनी सुविधा मिलती है।

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