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फाफामऊ पुल से रात में फिर चलेंगी रोडवेज बसें, यात्रियों को डेढ़ घंटे और किराये में राहत

प्रयागराज। फाफामऊ गंगा पुल पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए लागू किए गए रूट डायवर्जन के बीच रोडवेज ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। अब रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक रोडवेज बसों का संचालन पुराने मार्ग यानी फाफामऊ गंगा पुल से ही किया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक ने यातायात पुलिस से समन्वय के बाद आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही सभी बस चालकों और परिचालकों को भी नए निर्देशों से अवगत करा दिया गया है।
दिन के समय फाफामऊ पुल पर यातायात दबाव अधिक रहने के कारण रोडवेज बसों के संचालन पर रोक जारी रहेगी। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक बसें निर्धारित डायवर्जन रूट से ही संचालित होंगी। इनमें शास्त्री पुल, झूंसी और सहसों बाईपास का रास्ता शामिल है। इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ओर फाफामऊ पुल पर जाम की स्थिति को नियंत्रित करना है, वहीं दूसरी ओर रात में कम यातायात के समय यात्रियों को पुराने और सीधे मार्ग से यात्रा की सुविधा देना है।
रात के यात्रियों को सबसे बड़ी राहत
फाफामऊ पुल से रात के समय रोडवेज बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को सबसे बड़ी राहत किराये और समय के स्तर पर मिलेगी। डायवर्टेड रूट से यात्रा करने पर बसों को अपेक्षाकृत लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे सफर का समय बढ़ने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराये का असर भी पड़ रहा था।
अब रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुराना मार्ग बहाल होने से यात्रियों को इस अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, फाफामऊ पुल से सीधे संचालन होने पर यात्रा में करीब डेढ़ घंटे का समय भी बचेगा। इससे खास तौर पर रात में सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
रात के समय अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को लंबे डायवर्टेड रूट से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे सफर कम समय में पूरा हो सकेगा।
दिन में जारी रहेगा डायवर्जन
रोडवेज की नई व्यवस्था सिर्फ रात के समय के लिए लागू की गई है। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक फाफामऊ गंगा पुल से रोडवेज बसों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान सभी बसें पहले से निर्धारित डायवर्टेड रूट से चलेंगी।
दिन के समय बसों को शास्त्री पुल, झूंसी और सहसों बाईपास के रास्ते से संचालित किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बस चालकों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे दिन में फाफामऊ पुल पर भारी वाहनों और बसों का दबाव कम रखने की कोशिश की जाएगी। वहीं, रात में यातायात अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने के कारण पुराने मार्ग से बसों को गुजरने की अनुमति दी गई है।
यातायात पुलिस से समन्वय के बाद फैसला
रोडवेज की ओर से रात में पुराने मार्ग को फिर से इस्तेमाल करने का फैसला यातायात पुलिस के साथ समन्वय के बाद लिया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्था को लेकर चर्चा की, जिसके बाद संचालन के समय में बदलाव से जुड़े आदेश जारी किए गए।
रोडवेज प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी बस चालकों तक स्पष्ट निर्देश पहुंचाए जाएं। इससे किसी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो और दिन तथा रात के संचालन को लेकर निर्धारित समय का पालन किया जा सके।
बस चालकों को बताया गया है कि रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक फाफामऊ पुल से बसें चलेंगी, जबकि दिन में निर्धारित डायवर्जन रूट का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
डेढ़ घंटे तक कम होगा सफर
फाफामऊ पुल से सीधा संचालन होने का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में होगा। डायवर्जन के कारण यात्रियों को पहले वैकल्पिक मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। अब रात में पुराना मार्ग इस्तेमाल होने के कारण लगभग डेढ़ घंटे तक समय बचने की उम्मीद है।
समय की यह बचत यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी। खासकर लंबी दूरी की रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को रात के समय अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बसों के सीधे मार्ग से चलने के कारण परिचालन व्यवस्था भी अपेक्षाकृत सरल होगी। यात्रियों को बीच में बदले हुए मार्गों और अतिरिक्त दूरी के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
बढ़े किराये से भी मिलेगी राहत
डायवर्टेड रूट के चलते बसों को अधिक दूरी तय करनी पड़ने से यात्रियों पर बढ़े किराये का असर पड़ रहा था। अब रात में फाफामऊ पुल से संचालन होने के कारण यात्रियों को इस बढ़े हुए किराये से राहत मिलेगी।
हालांकि, दिन के समय बसें पहले की तरह डायवर्टेड रूट से ही चलेंगी और उस दौरान लागू व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए यात्रियों को बस में सफर करने से पहले समय और रूट की जानकारी रखना जरूरी होगा।
यात्रियों को समय देखकर सफर की सलाह
नई व्यवस्था के बाद रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक फाफामऊ पुल से बस मिलने की संभावना रहेगी, जबकि दिन में बसें वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी। ऐसे में यात्रियों को अपने सफर के समय के अनुसार योजना बनाने में सुविधा होगी।
रोडवेज प्रशासन की कोशिश है कि जाम की समस्या और यात्रियों की परेशानी के बीच संतुलन बनाया जा सके। दिन में पुल पर यातायात दबाव अधिक होने के कारण डायवर्जन जारी रखा गया है, जबकि रात में कम यातायात के दौरान बसों को पुराने रास्ते से चलाने की अनुमति दी गई है।
रोडवेज ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से जारी आदेश के बाद रोडवेज के सभी संबंधित कर्मचारियों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी गई है। अधिकारियों ने चालकों को निर्धारित समय के अनुसार ही मार्ग का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था फिलहाल महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आई है। रात में फाफामऊ पुल से संचालन शुरू होने से समय और किराये दोनों में राहत मिलेगी, वहीं दिन के समय डायवर्जन के जरिए पुल पर यातायात दबाव को कम रखने का प्रयास जारी रहेगा।
फाफामऊ गंगा पुल पर जाम की समस्या से निपटने के लिए लागू इस व्यवस्था में अब रोडवेज ने रात और दिन के लिए अलग-अलग संचालन समय तय किया है। रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक बसें पुराने मार्ग यानी फाफामऊ पुल से चलेंगी, जबकि सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक शास्त्री पुल, झूंसी और सहसों बाईपास के डायवर्टेड रूट का इस्तेमाल होगा। इससे रात में सफर करने वाले यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे का समय बचने के साथ बढ़े किराये से भी राहत मिलने की उम्मीद है।





