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उत्तर प्रदेश
धामपुर बाईपास समेत कई जिलों की सड़कें होंगी बेहतर सरकार ने जारी किया बजट
Ratna Netam
8 Aug 2026 10:01 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने सहारनपुर, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, गोरखपुर, अयोध्या समेत कई जिलों में चल रहे 21 प्रमुख निर्माण कार्यों के लिए 175.02 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, रेलवे ओवरब्रिज, बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर से जुड़ी परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाओं में राज्य और प्रमुख जिला मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से जुड़े 13 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा तीन रेल उपरिगामी सेतु यानी आरओबी तथा चार बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण कार्यों को भी बजट उपलब्ध कराया गया है। सरकार ने महत्वाकांक्षी बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भी 75 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को आग से बचाने के लिए वनाग्नि रोकथाम योजना के तहत 22.80 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
शासन ने धनराशि के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आवंटित राशि का उपयोग केवल निर्धारित मद में ही किया जाएगा। इसमें 25.8814 करोड़ रुपये राज्य सेक्टर और 6.9674 करोड़ रुपये अन्य बजटीय प्रावधानों के तहत शामिल हैं। संबंधित विभागों को निर्धारित समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र यानी यूसी भी प्रस्तुत करना होगा। इससे परियोजनाओं में जारी धन के इस्तेमाल की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
10 से ज्यादा जिलों में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, राज्य, प्रमुख और अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के 13 चालू कार्यों के लिए कुल 32.8488 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके तहत गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, सीतापुर, अमेठी, बागपत और गाजियाबाद समेत कई जिलों में सड़क परियोजनाओं को गति मिलेगी।
गोरखपुर में कुसमी-पिपराइच मार्ग से गढ़वा रिठिया चीनी मिल मार्ग और कैंपियरगंज बाईपास मार्ग समेत तीन महत्वपूर्ण कार्यों को बजट मिला है। अयोध्या में अमानीगंज मार्ग से एनएच-28 तक करीब 14.240 किलोमीटर लंबे मार्ग के सुदृढ़ीकरण का काम भी इस स्वीकृति के दायरे में है। सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।
तीन आरओबी से रेलवे क्रॉसिंग पर कम होगा जाम
रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत देने के लिए तीन चालू रेल उपरिगामी सेतु परियोजनाओं को 53.6714 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इसमें बलिया के रसड़ा में गाजीपुर-तुर्तीपार राज्य मार्ग-108 पर चार लेन आरओबी का निर्माण शामिल है। इसके अलावा गोंडा के मसकनवा बाजार में दो लेन आरओबी तथा सुल्तानपुर में आरओबी/एलएचएस निर्माण कार्य को भी स्वीकृति मिली है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों के रुकने से पैदा होने वाले जाम को कम करना है। आरओबी बनने के बाद सड़क यातायात को रेलवे ट्रैक से अलग मार्ग मिलने की संभावना है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
चार बाईपास और फ्लाईओवर परियोजनाओं को 13.50 करोड़
शहरी और कस्बाई इलाकों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए चार बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर से जुड़े कार्यों के लिए 13.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें बिजनौर में 9 किलोमीटर लंबे धामपुर बाईपास का निर्माण, बहराइच में 11.777 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण और गोंडा में 5 किलोमीटर लंबे परसपुर बाईपास का निर्माण शामिल है।
इसके साथ ही बलिया में 11.700 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम भी इस योजना का हिस्सा है। इन परियोजनाओं से शहरों और प्रमुख बाजार क्षेत्रों के भीतर भारी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 75 करोड़
प्रदेश के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त की है। परियोजना की मूल लागत 14,849.09 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वनाग्नि रोकथाम के लिए भी धनराशि
सड़क और परिवहन परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार ने ध्यान दिया है। जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने और वन क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन के लिए ‘फॉरेस्ट फायर प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट स्कीम’ के तहत 22.80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार का 13.68 लाख रुपये और राज्य सरकार का 9.12 लाख रुपये का योगदान शामिल है।
इस राशि का इस्तेमाल मजदूरी, अनुरक्षण और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक कार्यों पर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ धनराशि के सही इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जाएगी। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से प्रदेश के कई जिलों में सड़क नेटवर्क मजबूत होने, यातायात सुगम होने और आवागमन की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
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