उत्तर प्रदेश

प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर अचानक धंसी सड़क, बड़ा हादसा टला

Kavita2
24 Aug 2026 3:44 PM IST
प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर अचानक धंसी सड़क, बड़ा हादसा टला
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प्रयागराज। प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर सोमवार की भोर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के कारण देखते ही देखते हाईवे का हिस्सा बैठ गया। घटना के समय सड़क से कोई बाइक सवार या चार पहिया वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

सड़क धंसने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में खलबली मच गई। हाईवे पर अचानक बने गड्ढे को देखकर वाहन चालकों में भी दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। सड़क के धंसने से हाईवे की निर्माण गुणवत्ता और सड़क के नीचे की जमीन को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं।

भोर में अचानक धंसी सड़क

जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास हाईवे पर अचानक सड़क का एक हिस्सा नीचे की ओर धंस गया। सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के कारण ऊपर की सतह टिक नहीं सकी और वह बैठ गई।

घटना ऐसे समय हुई जब हाईवे पर आवागमन शुरू हो चुका था। हालांकि जिस समय सड़क धंसी, उसी स्थान से कोई बाइक या कार नहीं गुजर रही थी। अगर सड़क धंसने के दौरान कोई वाहन वहां से गुजरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों ने सड़क की स्थिति देखकर तत्काल आसपास के वाहन चालकों को सतर्क किया, ताकि कोई वाहन धंसे हुए हिस्से में न पहुंच जाए।

करीब एक साल पहले हुआ था फोरलेन का काम

बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पहले लखनऊ से प्रयागराज तक जाने वाले एनएच-30 को फोरलेन में बदलने का काम कराया गया था। महाकुंभ को देखते हुए सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के काम में तेजी लाई गई थी।

इस मार्ग का महत्व प्रयागराज और लखनऊ के बीच आवागमन के लिहाज से काफी अधिक है। महाकुंभ के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों ने इस मार्ग का इस्तेमाल किया था।

ऐसे में सड़क के निर्माण के कुछ समय बाद ही उसके धंसने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

बरई का पुरवा और आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान जमीन के नीचे मौजूद गहरे गड्ढे को पूरी तरह से भरकर सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बजाय गड्ढे के ऊपर अस्थायी तौर पर डामर डालकर सड़क तैयार कर दी गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जमीन के नीचे यदि गहरा खाली स्थान या गड्ढा मौजूद था तो सड़क निर्माण से पहले उसकी उचित तरीके से भराई और मजबूती जरूरी थी। ग्रामीणों का दावा है कि इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई, जिसका असर अब सड़क धंसने के रूप में सामने आया है।

हालांकि ग्रामीणों के इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बड़े हादसे का खतरा टला

सड़क का अचानक धंसना अपने आप में गंभीर घटना है। हाईवे पर लगातार तेज गति से वाहन चलते हैं। यदि किसी वाहन का चालक अचानक धंसी सड़क को नहीं देख पाता तो वाहन गड्ढे में गिर सकता था।

खासकर रात और भोर के समय सड़क पर दृश्यता कम होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में घटना के समय किसी वाहन के वहां मौजूद नहीं होने को बड़ी राहत माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धंसे हुए हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सड़क के नीचे की स्थिति की भी जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

निर्माण कार्य की जांच की मांग

सड़क धंसने की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल ऊपर से गड्ढा भरकर सड़क की मरम्मत करना पर्याप्त नहीं होगा।

उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि सड़क के नीचे गड्ढा कैसे बना और निर्माण के समय उसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी। यदि सड़क के नीचे खाली जगह या कमजोर जमीन है तो केवल ऊपरी सतह को ठीक करने से समस्या दोबारा पैदा हो सकती है।

इसलिए स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की तकनीकी जांच कराने और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच करने की मांग की है।

महाकुंभ के बाद फिर सामने आई चुनौती

प्रयागराज को लखनऊ से जोड़ने वाला यह मार्ग यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। महाकुंभ के दौरान इस सड़क पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया था। सड़क को फोरलेन किए जाने का उद्देश्य भी यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाना था।

ऐसे में निर्माण के करीब एक साल बाद सड़क का धंसना संबंधित विभाग के लिए चिंता का विषय है। यदि समय रहते सड़क के कमजोर हिस्सों की पहचान नहीं की गई तो आने वाले समय में अन्य स्थानों पर भी ऐसी समस्या सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब मरम्मत और जांच का इंतजार

फिलहाल बरई का पुरवा के पास सड़क धंसने की घटना ने लोगों को सतर्क कर दिया है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। सबसे पहले धंसे हुए हिस्से को सुरक्षित करना और यातायात को किसी संभावित दुर्घटना से बचाना जरूरी है।

इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की जांच की जाए। यदि जांच में निर्माण संबंधी कोई खामी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

सोमवार की भोर हुई इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सड़क के अचानक धंसने से एक बड़ा हादसा जरूर टल गया। अब यह घटना हाईवे की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और भविष्य में सड़क की सुरक्षा को लेकर कई सवाल छोड़ गई है।

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