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38 करोड़ के फ्लाईओवर की राह साफ, रूट डायवर्जन के बाद मुख्य मार्ग होगा बंद; अब तेज होगा निर्माण

जौनपुर। जफराबाद-सुल्तानपुर रेलखंड पर श्रीकृष्णानगर रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित रेलवे क्रॉसिंग 23सी भलुआहीं पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का काम अब रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण में बदलापुर-प्रयागराज मार्ग पर लगातार वाहनों की आवाजाही बड़ी बाधा बन रही थी। निर्माण कार्य में हो रही देरी को देखते हुए अब रूट डायवर्जन की व्यवस्था तैयार कर ली गई है। वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त कराने के बाद मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर फ्लाईओवर का निर्माण तेज किया जाएगा।
फ्लाईओवर का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन व्यस्त बदलापुर-प्रयागराज मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के कारण निर्माण एजेंसी को काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी। सड़क पर लगातार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था।
निर्माण में हो रही देरी का मामला स्थानीय विधायक रमेशचंद्र मिश्र तक पहुंचा। उन्होंने फ्लाईओवर के काम की धीमी गति को लेकर शिकायत की और निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग उठाई। इसके बाद रेलवे की ओर से स्थिति का आकलन किया गया।
रेलवे ने निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात रोककर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालने का सुझाव दिया। रूट डायवर्जन की व्यवस्था बनने के बाद अब वैकल्पिक मार्गों को वाहनों के आवागमन के योग्य बना दिया गया है।
वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने का उद्देश्य यह है कि बदलापुर-प्रयागराज मार्ग बंद होने के दौरान लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद होने के बाद फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर काम करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।
रेलवे क्रॉसिंग 23सी भलुआहीं पर बन रहा फ्लाईओवर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान फाटक बंद होने से सड़क पर वाहनों को इंतजार करना पड़ता है। फ्लाईओवर तैयार होने के बाद सड़क यातायात को रेलवे फाटक पर रुकने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
फिलहाल निर्माण के दौरान मुख्य चुनौती सड़क पर लगातार चलने वाला यातायात था। निर्माण स्थल के बीच से वाहनों को निकालने के कारण काम को चरणबद्ध तरीके से करना पड़ रहा था। इससे निर्माण की गति प्रभावित हो रही थी।
अब मुख्य सड़क पूरी तरह बंद होने के बाद निर्माण एजेंसी एक साथ बड़े हिस्से में काम कर सकेगी। इससे मशीनों और निर्माण सामग्री की आवाजाही भी आसान होगी। निर्माण स्थल पर वाहनों का दबाव नहीं रहने से सुरक्षा की दृष्टि से भी काम करना आसान होगा।
रूट डायवर्जन लागू करने से पहले वैकल्पिक रास्तों की स्थिति सुधारना जरूरी था। इसी कारण संबंधित मार्गों को दुरुस्त कराया गया है। अब इन रास्तों से बदलापुर-प्रयागराज मार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों को निकाला जाएगा।
करीब 38 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों को लंबे समय से इंतजार है। फ्लाईओवर का काम पूरा होने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम और फाटक बंद होने के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों का दबाव रहने के कारण कई बार लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से ट्रेनों की आवाजाही के समय फाटक बंद होने पर सड़क यातायात रुक जाता है। फ्लाईओवर बनने से वाहन रेलवे लाइन के ऊपर से गुजर सकेंगे।
श्रीकृष्णानगर रेलवे स्टेशन के पश्चिम में स्थित भलुआहीं रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र के प्रमुख मार्ग पर है। बदलापुर-प्रयागराज मार्ग से रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इसी कारण फ्लाईओवर निर्माण के दौरान यातायात को पूरी तरह बंद करना अब तक आसान नहीं था।
विधायक रमेशचंद्र मिश्र की ओर से निर्माण में देरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद रेलवे ने यातायात को डायवर्ट करने की जरूरत बताई। इसके बाद वैकल्पिक रास्तों की पहचान कर उन्हें ठीक कराने का काम किया गया।
अब मुख्य मार्ग बंद होने पर वाहन इन वैकल्पिक रास्तों से गुजरेंगे। इससे निर्माण स्थल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक सकेगी और फ्लाईओवर का काम बिना यातायात बाधा के आगे बढ़ाया जा सकेगा।
हालांकि मुख्य मार्ग बंद होने के दौरान वाहन चालकों को कुछ समय तक बदले हुए रास्तों का उपयोग करना पड़ेगा। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए इन रास्तों को पहले ही दुरुस्त कराया गया है।
फ्लाईओवर जैसी बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है। व्यस्त सड़क पर निर्माण होने के कारण एक तरफ काम जारी रखना और दूसरी तरफ वाहनों को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण होता है। भलुआहीं फ्लाईओवर के मामले में भी यही समस्या निर्माण की रफ्तार को प्रभावित कर रही थी।
रूट डायवर्जन के बाद अब निर्माण एजेंसी को काम तेज करने का मौका मिलेगा। सड़क पर वाहनों की आवाजाही नहीं होने से पिलर, सड़क और फ्लाईओवर से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
स्थानीय लोगों के लिए निर्माण अवधि के दौरान रूट डायवर्जन कुछ परेशानी पैदा कर सकता है, लेकिन फ्लाईओवर तैयार होने के बाद इसका दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे फाटक पर वाहनों का इंतजार कम होने के साथ मार्ग पर यातायात अधिक सुगम हो सकेगा।
फिलहाल वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त कराने के बाद मुख्य सड़क को बंद करने की तैयारी है। इसके साथ ही करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण तेज किया जाएगा।
जफराबाद-सुल्तानपुर रेलखंड पर रेलवे क्रॉसिंग 23सी भलुआहीं पर निर्माणाधीन इस फ्लाईओवर के काम में अब तक बदलापुर-प्रयागराज मार्ग का यातायात प्रमुख बाधा बना हुआ था। रूट डायवर्जन की व्यवस्था पूरी होने के बाद यह बाधा दूर होने जा रही है। इससे आने वाले दिनों में परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।





