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गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से संगम क्षेत्र में बदला नजारा, बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी

प्रयागराज। गंगा और यमुना नदियों के बढ़ते जलस्तर ने संगम क्षेत्र की पूरी तस्वीर बदल दी है। कुछ दिन पहले तक जहां संगम की पवित्र रेत पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती थी और लोग पूजा-अर्चना करते दिखाई देते थे, वहीं अब उसी क्षेत्र में गंगा की लहरें हिलोरें मार रही हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण संगम का कछार पूरी तरह जलमग्न हो गया है और नदी का पानी अब ऐतिहासिक बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गया है।
बुधवार सुबह संगम क्षेत्र में गंगा का पानी तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दिया। नदी ने अपने पुराने रास्ते को छोड़ते हुए उन स्थानों को भी अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है, जहां कुछ समय पहले तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती थी। संगम क्षेत्र में बने अस्थायी रास्ते, पूजा स्थल और रेत के मैदान अब पानी में समा गए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर भी पड़ा असर
गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर संगम आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। कई जगहों पर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। नाव संचालन को लेकर भी सावधानी बरती जा रही है। घाटों पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रही हैं।
संगम क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार पानी तेजी से बढ़ने के कारण हालात बदलते नजर आ रहे हैं। गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर के आसपास पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं में भी उत्सुकता बढ़ गई है। मान्यता है कि जब गंगा का जल मंदिर तक पहुंचता है तो यह धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है।
बड़े हनुमान मंदिर में गंगा के पहुंचने की संभावना
बुधवार को जिस तेजी से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई, उससे संभावना जताई जा रही है कि यदि बढ़ोतरी इसी तरह जारी रही तो गुरुवार को गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर के अंदर तक पहुंच सकता है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और विभिन्न बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण नदियों का प्रवाह बढ़ा है। इसका सीधा असर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है। जल पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य सुरक्षा दलों को अलर्ट पर रखा गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
संगम क्षेत्र में रहने वाले साधु-संतों और कल्पवासियों के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कई शिविरों और अस्थायी ठिकानों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बढ़ते जलस्तर के कारण किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
धार्मिक महत्व के साथ बदलता प्राकृतिक दृश्य
प्रयागराज का संगम क्षेत्र धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने पहुंचते हैं। लेकिन इस समय बढ़ते जलस्तर के कारण संगम का दृश्य पूरी तरह बदल गया है।
जहां कुछ दिन पहले तक दूर-दूर तक फैली रेत और श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देती थी, वहां अब केवल पानी का विस्तार नजर आ रहा है। गंगा की तेज लहरें संगम क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
मौसम और नदी के जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में संगम क्षेत्र में और बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासन की नजर अब इस बात पर है कि नदियों का बढ़ता पानी किस स्तर तक पहुंचता है और क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत पड़ती है।





