उत्तर प्रदेश

गंगा का जलस्तर बढ़ने से कानपुर मंडल में बाढ़ का खतरा, फर्रुखाबाद के 66 गांव प्रभावित

Kavita2
25 Aug 2026 5:07 PM IST
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कानपुर मंडल में बाढ़ का खतरा, फर्रुखाबाद के 66 गांव प्रभावित
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कानपुर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने गंगा किनारे बसे जिलों में चिंता बढ़ा दी है। कानपुर, फतेहपुर, कन्नौज, उन्नाव और फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। फर्रुखाबाद में गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर चुकी हैं, जिसके बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले के 66 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और करीब 60 हजार ग्रामीण प्रभावित हैं।

उधर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर उन्नाव के कई गांवों की आवाजाही पर भी पड़ने लगा है। फतेहपुर में भी नदी का पानी बढ़ने के बाद तीन गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

फर्रुखाबाद में 66 गांव बाढ़ की चपेट में

फर्रुखाबाद में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी चेतावनी बिंदु को पार कर चुकी है। इसके चलते गंगा के आसपास स्थित निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ गया है।

बताया गया है कि जिले के करीब 66 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों में रहने वाली लगभग 60 हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के सामने आवागमन, पशुओं के लिए चारे और रोजमर्रा की जरूरतों की समस्या खड़ी हो रही है।

बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार जलस्तर बढ़ने की स्थिति में फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।

उन्नाव के गांवों में आवागमन प्रभावित

गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर उन्नाव के कई गांवों में दिखाई देने लगा है। निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गंगा किनारे बसे गांवों में नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है।

बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।

फतेहपुर के तीन गांवों में अलर्ट

फतेहपुर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने तीन गांवों में अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने और जलस्तर में वृद्धि पर नजर रखने को कहा गया है।

गंगा का पानी लगातार बढ़ता रहा तो आसपास के अन्य निचले इलाकों में भी इसका असर पड़ सकता है। प्रशासन संभावित स्थिति को देखते हुए निगरानी कर रहा है।

कन्नौज और कानपुर में भी बढ़ रहा पानी

कन्नौज और कानपुर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने की सूचना है। नदी के बढ़ते पानी ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

कन्नौज में भी नदी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक अमला संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की कोशिश कर रहा है।

चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर भी बढ़ा

गंगा के अलावा चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। लगातार बारिश के बीच नदी का पानी बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता है।

मंदाकिनी का बढ़ता जलस्तर धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों वाले क्षेत्रों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

किसानों की बढ़ी चिंता

नदियों का जलस्तर बढ़ने से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। गंगा और अन्य नदियों के किनारे बड़ी संख्या में कृषि भूमि है। यदि पानी खेतों में फैलता है तो खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले से बारिश के कारण खेती प्रभावित है और अब नदी का पानी बढ़ने से स्थिति और खराब होने की आशंका है। पशुपालकों के सामने भी चारे और पशुओं को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो सकती है।

प्रशासन की निगरानी बढ़ी

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। नदी के किनारे बसे गांवों में जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।

बाढ़ की स्थिति बढ़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। प्रभावित गांवों में स्थानीय स्तर पर भी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता फर्रुखाबाद को लेकर है, जहां गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं और 66 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं उन्नाव और फतेहपुर में भी नदी के बढ़ते पानी का असर सामने आने लगा है।

कानपुर, फतेहपुर, कन्नौज, उन्नाव और फर्रुखाबाद में गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा चित्रकूट में मंदाकिनी के उफान ने प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ा दी है। यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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