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उत्तर प्रदेश
फ्लू के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Ratna Netam
29 Aug 2026 8:44 PM IST

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लखनऊ।उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी **एच1एन1 इन्फ्लुएंजा** के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ में पिछले 15 दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू के **8 नए मामले** सामने आए हैं, जबकि मुरादाबाद में 5 और बस्ती में 2 मरीजों की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
लखनऊ में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले
राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में कई मरीजों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित मरीजों में कुछ लोगों का इलाज घर पर ही चल रहा है, जबकि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लखनऊ के अस्पतालों में फ्लू से जुड़े मरीजों की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है। डॉक्टरों को संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुरादाबाद और बस्ती में भी मिले मरीज
लखनऊ के अलावा मुरादाबाद और बस्ती में भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। मुरादाबाद में 5 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
वहीं, बस्ती जिले में भी 2 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों जिलों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
क्या है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू एक तरह का वायरल संक्रमण है, जो एच1एन1 वायरस के कारण होता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या संपर्क में आने से फैल सकता है।
इस बीमारी के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकता है।
इसके प्रमुख लक्षण हैं—
* तेज बुखार
* खांसी और गले में खराश
* शरीर में दर्द
* सिरदर्द
* थकान
* सांस लेने में परेशानी
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग व्यवस्था करने, जांच सुविधाओं को सक्रिय रखने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।
बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू का खतरा कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में ज्यादा होता है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
ऐसे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए लक्षण दिखने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं—
* खांसते और छींकते समय मुंह ढकें
* बार-बार हाथ धोएं
* संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें
* भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें
* साफ-सफाई का ध्यान रखें
* पर्याप्त नींद और पौष्टिक भोजन लें
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
डॉक्टरों का कहना है कि फ्लू के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कई दिनों तक बुखार बना रहता है, सांस लेने में परेशानी होती है या कमजोरी ज्यादा महसूस होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
समय पर इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
मौसम बदलने के साथ बढ़ते हैं मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव और लोगों का एक-दूसरे के संपर्क में अधिक आना संक्रमण बढ़ने की वजह बन सकता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
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