उत्तर प्रदेश

हापुड़ में छात्रवृत्ति तैयारियों की समीक्षा, DM बोलीं- पात्र छात्रों को हर हाल में मिले लाभ

Ratna Netam
7 Aug 2026 7:48 PM IST
हापुड़ में छात्रवृत्ति तैयारियों की समीक्षा, DM बोलीं- पात्र छात्रों को हर हाल में मिले लाभ
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हापुड़ : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पात्र छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके और आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में छात्रवृत्ति पोर्टल पर लंबित कार्यों, मास्टर डाटा अपडेट, संस्थानों की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहित जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और त्रुटिरहित बनाने पर जोर दिया। प्रशासन ने संस्थानों को निर्देश दिया कि पात्र विद्यार्थियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो और आवेदन प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरती जाए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बैठक के दौरान शासन द्वारा जारी छात्रवृत्ति समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि सभी संस्थानों को **15 अगस्त 2026** तक छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करनी होंगी। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर डाटा अपडेट नहीं किया गया तो पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सभी शिक्षण संस्थान इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समय पर सभी आवश्यक सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड करें।
बैठक में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने संस्थानों को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति नियमावली का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं विद्यार्थियों के आवेदन अग्रसारित किए जाएं, जो निर्धारित पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करते हों। अपात्र विद्यार्थियों के आवेदन भेजे जाने से पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए दस्तावेजों और पात्रता की सावधानीपूर्वक जांच की जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखना सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है।
वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए संबंधित शिक्षण संस्थानों का **नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP)** पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। जिन संस्थानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तत्काल यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि हापुड़ जिले के कुल **108 शिक्षण संस्थानों** में से अभी तक केवल **45 संस्थानों** ने **AISHE Code** से संबंधित प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने शेष संस्थानों पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि वे बिना किसी देरी के निर्धारित समय सीमा के भीतर यह कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान की ओर से लापरवाही बरती गई तो इसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों को होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी कविता मीना ने बैठक के अंत में सभी संस्थानों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसे में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी लापरवाही से छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह समयबद्ध तरीके से पोर्टल संबंधी सभी कार्य पूर्ण करे और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो तत्काल संबंधित विभाग से संपर्क कर उसका समाधान सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से छात्रवृत्ति प्रक्रिया की निगरानी करें और संस्थानों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा तक छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन का मानना है कि समय पर डाटा अपडेट, पात्रता की सही जांच और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से इस वर्ष छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सकेगी।
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