उत्तर प्रदेश

धार्मिक पर्यटन को नया बल, दो प्रमुख मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे 3.46 करोड़ रुपए

SHIDDHANT
11 March 2026 9:46 PM IST
धार्मिक पर्यटन को नया बल, दो प्रमुख मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे 3.46 करोड़ रुपए
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Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयागराज के दो प्रमुख आस्था केंद्रों के पर्यटन विकास की योजना को मंजूरी दी है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के विकास एवं सौंदर्यीकरण पर लगभग 3.46 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से मंदिर परिसरों का कायाकल्प किया जाएगा और श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित आस्था केंद्रों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए लगभग 1.64 करोड़ रुपए तथा सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर और देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए करीब 1.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए 40 लाख रुपए और सोरांव स्थित दुर्गा मंदिर परियोजना के लिए 45 लाख रुपए की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि संगम नगरी प्रयागराज सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रही है और यह प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण त्रिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि प्र सिद्ध तीर्थस्थलों के साथ-साथ अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में लगभग 69 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने प्रयागराज का भ्रमण किया। वहीं हाल ही में आयोजित माघ मेला 2026 में करीब 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जो जिले में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करता है।
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