उत्तर प्रदेश

रेलकर्मियों और पेंशनरों के लिए राहत प्रीमियम ट्रेनों में कर सकेंगे अपग्रेड

nidhi
1 Nov 2026 10:54 AM IST
रेलकर्मियों और पेंशनरों के लिए राहत प्रीमियम ट्रेनों में कर सकेंगे अपग्रेड
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नई दिल्ली: रेलवे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और पात्र विधवा पास धारकों के लिए प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी की यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। रेलवे बोर्ड के 30 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, पात्र पास धारक राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी ट्रेनों में अपनी निर्धारित पात्रता से ऊंची श्रेणी में सफर कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित श्रेणियों के लागू किराये का अंतर चुकाना होगा।
आरबीई संख्या 86/2026 के तहत जारी स्पष्टीकरण में तीन प्रकार के पास शामिल हैं—प्रिविलेज पास यानी पीपी, पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास यानी पीआरसीपी और विडो पास यानी डब्ल्यूपी। कर्मचारी मामलों की वेबसाइट स्टाफन्यूज पर प्रकाशित आदेश की प्रति के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने इस विषय पर अपने वाणिज्य निदेशालय से परामर्श के बाद निर्देश जारी किए हैं। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में किराये का अंतर देकर उच्च श्रेणी में यात्रा की व्यवस्था पहले से उपलब्ध थी। प्रीमियम ट्रेनों में इस प्रावधान के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टता मांगी जा रही थी। बोर्ड ने बताया कि रेलवे सेवक पास नियम, 1986 की अनुसूची-दो के नियम 3(x) को राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर लागू करने पर प्रतिबंध नहीं है। इसी आधार पर पात्र पास धारकों को उच्च श्रेणी का विकल्प स्पष्ट किया गया है।
इस सुविधा में अतिरिक्त भुगतान की शर्त महत्वपूर्ण है। पास में दर्ज पात्रता से ऊंची श्रेणी चुनने पर लागू किराया अंतर देना पड़ेगा। इसका अर्थ सभी पास धारकों को हर श्रेणी में मुफ्त यात्रा की अनुमति मिलना नहीं है। यात्रा की योजना बनाते समय पास की पात्रता, चुनी गई ट्रेन और श्रेणी के अनुसार देय राशि की जानकारी लेना जरूरी रहेगा।
आदेश में संशोधित यात्रा पात्रताओं की अनुसूचियों का भी उल्लेख है। साथ ही सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स यानी क्रिस को यात्री आरक्षण प्रणाली और एचआरएमएस के ई-पास मॉड्यूल में आवश्यक बदलाव तत्काल करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश जारी होने और प्रत्येक बुकिंग माध्यम पर सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति अलग हो सकती है। संबंधित कर्मचारी अपने पास अनुभाग या आरक्षण कार्यालय से इसकी जानकारी ले सकते हैं। वंदे भारत को लेकर सावधानी जरूरी है। उपलब्ध आदेश के मुख्य पाठ में राजधानी, दुरंतो और शताब्दी श्रेणी की ट्रेनों का उल्लेख है। वंदे भारत की किस श्रेणी में किस पास पर यह विकल्प मिलेगा, इसकी पुष्टि संबंधित पात्रता अनुसूची और बुकिंग व्यवस्था से करनी होगी। इसलिए सभी रेलकर्मियों को वंदे भारत की किसी भी उच्च श्रेणी में यात्रा की सार्वभौमिक अनुमति मिलने का दावा फिलहाल उचित नहीं होगा।
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