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श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं को राहत, किऊल के रास्ते चलेंगी पांच जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

किऊल। श्रावणी मेला में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने किऊल के रास्ते पांच जोड़ी अतिरिक्त श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की है। इन विशेष ट्रेनों के चलने से किऊल और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी काफी राहत मिलेगी।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन ट्रेनों का परिचालन बासुकीनाथ से पटना एवं गोरखपुर, आसनसोल से गोरखपुर और मधुपुर से नरकटियागंज के बीच किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण नियमित ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की है।
इन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा। खासकर किऊल, झाझा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी की जानकारी लेकर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बासुकीनाथ-पटना श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 03563) का परिचालन 17 और 24 अगस्त को किया जाएगा। यह ट्रेन बासुकीनाथ से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इसके बाद देवघर और झाझा होते हुए रात 8:43 बजे किऊल स्टेशन पहुंचेगी।
किऊल से आगे यह ट्रेन मोकामा, बख्तियारपुर और फतुहा के रास्ते होते हुए देर रात करीब 1 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। इस ट्रेन के चलने से बासुकीनाथ से पटना जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई, सुरक्षा और यात्रियों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
श्रावणी मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए देवघर और आसपास के धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर रेल मार्ग से यात्रा करते हैं।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाता है, ताकि नियमित ट्रेनों पर दबाव कम किया जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
किऊल स्टेशन रेलवे के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है और यहां से होकर कई प्रमुख रेल सेवाएं गुजरती हैं। श्रावणी मेला के दौरान इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को सीट उपलब्धता और यात्रा सुविधा में सुधार मिलने की उम्मीद है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान रेलवे नियमों का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में रेलवे कर्मचारियों से संपर्क करें। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा रेलवे की प्राथमिकता है।
श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों की घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह है। यात्रियों को उम्मीद है कि इन अतिरिक्त सेवाओं से मेले के दौरान यात्रा करना आसान होगा और उन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।





