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उत्तर प्रदेश
हिंदू बताकर तय किया रिश्ता, शादी के बाद खुला राज
Rajeshwari Nishad
19 Oct 2026 2:37 PM IST

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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र में शादी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती का रिश्ता हिंदू बताकर तय किया गया था, लेकिन शादी की रस्में ईसाई धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार कराई गईं। इस मामले में शादी के करीब दो साल बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शिकायत में ससुराल पक्ष के लोगों पर धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हिंदू बताकर तय किया गया था रिश्ता
शिकायत के अनुसार, शादी तय करते समय रिश्ता हिंदू परिवार का बताकर आगे बढ़ाया गया था। आरोप है कि बाद में शादी की रस्में ईसाई धर्म की परंपराओं के मुताबिक कराई गईं। इस घटनाक्रम को लेकर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि विवाह से पहले धर्म और रीति-रिवाजों को लेकर जो जानकारी दी गई थी, शादी के समय स्थिति उससे अलग थी।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिश्ता तय करते समय किन तथ्यों की जानकारी दी गई थी और विवाह की रस्में किन परिस्थितियों में संपन्न कराई गईं।
दो साल बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट
इस मामले में शादी के लगभग दो साल बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। शिकायत में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है।
फिलहाल यह आरोप जांच का विषय है। केवल शिकायत के आधार पर किसी व्यक्ति या परिवार को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस को शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, शादी से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की सच्चाई का पता लगाना होगा।
बारादरी थाना पुलिस कर रही जांच
मामले की जांच बरेली के बारादरी थाना पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शादी किस तरह तय हुई थी, दोनों पक्षों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाह के दौरान कौन-सी रस्में निभाई गई थीं। इसके साथ ही शिकायत में लगाए गए धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह से संबंधों के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता, संबंधित महिला और ससुराल पक्ष के लोगों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी। यदि जांच में किसी तरह की धोखाधड़ी या अन्य कानूनन अपराध के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
धर्म और विवाह से जुड़े मामलों में तथ्यों की अहमियत
यह मामला विवाह के समय दी गई जानकारी, धार्मिक रीति-रिवाजों और कथित धोखाधड़ी से जुड़े सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में यह समझना जरूरी है कि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह की रस्में होना अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। जांच का मुख्य सवाल यह होगा कि क्या रिश्ता तय करते समय जानबूझकर गलत जानकारी दी गई थी या किसी पक्ष पर उसकी इच्छा के विरुद्ध धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
बरेली के बारादरी क्षेत्र का यह मामला शादी के करीब दो साल बाद पुलिस तक पहुंचा है। शिकायत में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अभी जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शादी से पहले रिश्ते के बारे में क्या जानकारी दी गई थी, विवाह की रस्में किस तरह संपन्न हुईं और धर्म परिवर्तन कराने वाले कथित गिरोह से संबंधित आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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