उत्तर प्रदेश

नीचे पढ़ें, क्या है राम मंदिर ट्रस्ट का मेगा अपडेट

Saba Naaz
27 Jun 2026 6:24 PM IST
नीचे पढ़ें, क्या है राम मंदिर ट्रस्ट का मेगा अपडेट
x

अयोध्या: अयोध्या के भव्य राम मंदिर निर्माण और जमीन खरीद से जुड़े कथित दान विवाद के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और महत्वपूर्ण ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी इन दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। शनिवार को इस पूरे विवाद के बाद पहली बार ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने पुष्टि की है कि दोनों नेताओं के इस्तीफे ट्रस्ट को प्राप्त हो चुके हैं, जिस पर ट्रस्ट की आगामी उच्च स्तरीय बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विवाद के बाद पहली बार आया ट्रस्ट का आधिकारिक बयान

राम मंदिर जमीन खरीद और दान राशि को लेकर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे। इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब ट्रस्ट के दो सबसे सक्रिय और प्रमुख चेहरों के इस्तीफे की खबर आई। शनिवार को इस मामले पर सस्पेंस खत्म करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने एक प्रेस वक्तव्य जारी किया। उन्होंने कहा, "चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है। ट्रस्ट को उनके इस्तीफे मिल चुके हैं। चूंकि यह एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए वर्तमान में इन इस्तीफों को स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया गया है। ट्रस्ट की आगामी बोर्ड बैठक में सभी न्यासियों की उपस्थिति में इस पर बिंदुवार चर्चा होगी और तभी कोई आधिकारिक फैसला लिया जाएगा।"

चंपत राय और अनिल मिश्रा पर क्या हैं आरोप?

गौरतलब है कि चंपत राय राम मंदिर आंदोलन के समय से ही विश्व हिंदू परिषद (विएचपी) के एक कद्दावर नेता रहे हैं और ट्रस्ट के गठन के बाद से ही महासचिव के रूप में मंदिर निर्माण कार्य की पूरी कमान संभाल रहे थे। वहीं, अनिल मिश्रा भी ट्रस्टी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका में थे। हाल ही में विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय संगठनों द्वारा मंदिर के लिए खरीदी गई जमीनों के सौदे और दान में मिली राशि के उपयोग को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, चंपत राय और उनके समर्थकों ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया था, लेकिन संगठन और मंदिर की साख पर आंच न आए, संभवतः इसी नैतिक जिम्मेदारी को देखते हुए दोनों ने अपने पदों से हटने की पेशकश की है।

आगामी बैठक पर टिकी सबकी नजरें

ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बैठक बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास कर सकते हैं और इसमें देश भर के प्रमुख संत, चार्टर्ड अकाउंटेंट और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बैठक में न केवल दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर फैसला होगा, बल्कि ट्रस्ट के वित्तीय लेखा-जोखा (ऑडिट रिपोर्ट) को भी सार्वजनिक करने पर विचार किया जा सकता है ताकि आम भक्तों के बीच पारदर्शिता और विश्वास बना रहे। जब तक बैठक नहीं हो जाती और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक चंपत राय और अनिल मिश्रा तकनीकी रूप से अपने पदों पर बने रहेंगे, लेकिन वे नीतिगत फैसलों से दूर रह सकते हैं।

Next Story