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Raza लाइब्रेरी बनेगी विश्वस्तरीय अध्ययन केंद्र, रामपुर किले की पूरी 43 एकड़ भूमि में होगा विस्तार

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: वर्ष 1774 में स्थापित ऐतिहासिक रज़ा लाइब्रेरी एवं संग्रहालय को अब एक विश्वस्तरीय अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत न केवल इसकी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, बल्कि इसे कला, शिक्षा और धरोहर संरक्षण के एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में भी स्थापित किया जाएगा।
Rampur स्थित इस प्रतिष्ठित लाइब्रेरी का वर्तमान परिसर रामपुर किले के लगभग पांच एकड़ हिस्से में फैला हुआ है, जिसे अब बढ़ाकर किले की पूरी 43 एकड़ भूमि तक विस्तारित किया जाएगा। इस विस्तार योजना का उद्देश्य इसे एक बहु-विषयक वैश्विक अध्ययन और शोध केंद्र के रूप में विकसित करना है।
Rampur Raza Library में पहले से ही हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां, चित्रकला, सुलेख और अन्य ऐतिहासिक धरोहर संरक्षित हैं। ये संग्रह भारतीय उपमहाद्वीप की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। अब इन धरोहरों को और बेहतर संरक्षण और प्रदर्शन की सुविधाएं प्रदान करने की योजना है।
प्रस्तावित विस्तार के बाद लाइब्रेरी में विश्व की विभिन्न भाषाओं के अध्ययन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं और विद्वानों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां वे विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का गहन अध्ययन कर सकें।
लाइब्रेरी प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना का लक्ष्य केवल संग्रह को बढ़ाना नहीं है, बल्कि इसे एक जीवंत शैक्षणिक केंद्र बनाना है, जहां शोध, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत आधुनिक डिजिटल सुविधाएं, शोध केंद्र और अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम भी विकसित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से रज़ा लाइब्रेरी को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी और यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया के सामने और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकेगी।
इतिहासकारों के अनुसार, यह लाइब्रेरी न केवल भारत के गौरवशाली अतीत का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि ज्ञान और संस्कृति की परंपरा समय के साथ और अधिक समृद्ध हो सकती है।
कुल मिलाकर, रज़ा लाइब्रेरी का यह प्रस्तावित विस्तार इसे एक आधुनिक वैश्विक अध्ययन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ सकता है।





