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दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर थार और स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग

रजबपुर। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सोमवार देर रात बाइक सवार हमलावरों ने दो कारों को निशाना बनाते हुए कथित रूप से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने पहले गांव खजूरी निवासी मंदीप कुमार की थार और फिर गांव निपनिया निवासी तेजेंद्र उर्फ नेमपाल की स्कॉर्पियो पर गोलियां चलाईं। लगभग 15 राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। गोलियां दोनों वाहनों के शीशे तोड़ते हुए आर-पार निकल गईं। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति को गोली नहीं लगी।
यह घटना रजबपुर क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित गांव झनकपुरी के पास हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात गांव खजूरी निवासी मंदीप कुमार ने फ्लाईओवर के नीचे अपनी थार खड़ी की हुई थी और वह वाहन के अंदर बैठे थे। उनकी थार के आगे गांव निपनिया निवासी तेजेंद्र उर्फ नेमपाल की स्कॉर्पियो खड़ी थी। इसी दौरान बाइक से आए हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने पहले मंदीप की थार को निशाना बनाया। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इसके बाद हमलावरों ने आगे खड़ी तेजेंद्र की स्कॉर्पियो पर भी कई गोलियां चलाईं। अचानक हुई गोलीबारी के कारण दोनों वाहनों में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने वाहन के अंदर झुककर अपनी जान बचाई।
फायरिंग के दौरान चली गोलियां थार और स्कॉर्पियो के शीशों में लगीं। कई गोलियां शीशे को तोड़ते हुए वाहन के आर-पार निकल गईं। वाहनों पर बने निशान घटना की गंभीरता को दिखा रहे थे। हमलावरों ने लगभग 15 गोलियां चलाईं, हालांकि फायरिंग की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। हमले में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ताबड़तोड़ फायरिंग के बावजूद किसी व्यक्ति को गोली नहीं लगने से बड़ी अनहोनी टल गई। यदि किसी गोली की दिशा थोड़ी भी बदल जाती तो घटना में जनहानि हो सकती थी। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भी सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद रजबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त दोनों वाहनों को देखा तथा पीड़ित पक्ष से घटना के संबंध में जानकारी ली। फायरिंग से संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों और हाईवे पर लगे निगरानी कैमरों की फुटेज की जांच से हमलावरों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है।
इस मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर दो युवकों को नामजद किया गया है, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के नाम और हमले के पीछे की वजह के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। नामजद किए गए लोगों पर लगे आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
हमलावर किस दिशा से आए और घटना को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए, इसका पता लगाया जा रहा है। बाइक पर सवार लोगों की संख्या को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए शिकायतकर्ता और अन्य संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर सकती है।
हमले के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या कोई अन्य कारण था, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमलावरों के निशाने पर दोनों वाहन थे या उनका मुख्य लक्ष्य किसी एक वाहन में बैठा व्यक्ति था। लगातार दो वाहनों पर फायरिंग किए जाने के कारण घटना को सुनियोजित हमले के रूप में भी देखा जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
व्यस्त दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर इस तरह गोलीबारी होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईवे से दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि फायरिंग के समय कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की जा रही है।
पुलिस के सामने हमलावरों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ हमले में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद करने की चुनौती है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हमले के वास्तविक कारण और पूरी साजिश का खुलासा होने की संभावना है।
फिलहाल दोनों वाहनों पर गोली चलाने के आरोप में दो नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।





