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रामपुर: स्वार क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की बाइकों को काटकर कबाड़ में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक कबाड़ की दुकान पर छापा मारकर बड़ी संख्या में बाइक के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि बरामद किए गए कई चेसिस चोरी की बाइकों के हैं। खास बात यह रही कि ई-चालान ऐप के जरिए पुलिस ने चोरी की बाइकों की पहचान कर पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई स्वार कस्बे के मुहल्ला काशीपुर में स्थित एक कबाड़ की दुकान पर की गई। शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे पुलिस टीम ने टिनशेड में संचालित कबाड़ की दुकान पर अचानक छापा मारा। मौके पर पुलिस को छह बोरों में भरे बाइक के कटे हुए पार्ट्स मिले। इनमें चेसिस, इंजन, बाइक की टंकियां, साइलेंसर, चेन, पहिए, शॉकर, ब्रेक शू और अन्य कई सामान शामिल थे।
पुलिस ने जब बरामद किए गए चेसिस नंबरों की जांच ई-चालान ऐप के माध्यम से की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। जांच में पता चला कि कुछ बाइक चोरी की थीं और उनके पार्ट्स काटकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक 17 वर्षीय नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
जांच के दौरान एक चेसिस नंबर एचएफ डीलक्स बाइक यूपी 22 एसी 5499 का मिला, जबकि दूसरा चेसिस नंबर स्पलेंडर बाइक यूपी 22 एयू 7030 का निकला। इसके अलावा एक अन्य चेसिस नंबर प्लैटिना बाइक यूके 18 6612 का मिला। जांच में पता चला कि यह बाइक उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किलाखेड़ा क्षेत्र से चोरी हुई थी।
पुलिस ने जब इस बाइक के मालिक से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसकी बाइक 10 जुलाई को शुक्रवार बाजार, किलाखेड़ा क्षेत्र से चोरी हो गई थी। इसके बाद पुलिस को मामले में अंतरराज्यीय बाइक चोरी गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की गई कितनी और बाइकें इस गिरोह द्वारा काटकर कबाड़ के रूप में बेची जा चुकी हैं।
पुलिस ने मौके से फिरोज निवासी मुहल्ला चक स्वार, ताबिश निवासी मुहल्ला चक स्वार और प्रीतम सिंह निवासी हरदासपुर कोठरा थाना अजीमनगर को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बरामदगी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चोरी की बाइकें कहां-कहां से लाई जाती थीं। पुलिस के अनुसार, गिरोह चोरी की बाइकों को काटकर उनके अलग-अलग पार्ट्स के रूप में बेच देता था, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी फिरोज का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
स्वार कोतवाली प्रभारी अनुपम शर्मा ने बताया कि पुलिस ने चोरी की बाइकों को काटकर बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
ई-चालान ऐप इस पूरे मामले में पुलिस के लिए अहम हथियार साबित हुआ। चेसिस नंबर की डिजिटल जांच से चोरी की बाइक की पहचान हो सकी और पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितनी चोरी की बाइकों को ठिकाने लगा चुका है। मामले की जांच लगातार जारी है।





