उत्तर प्रदेश

रामविलास पासवान को यूपी में भी मिलेगा बिहार जैसा सम्मान, CM योगी का ऐलान

nidhi
9 Oct 2026 6:49 AM IST
रामविलास पासवान को यूपी में भी मिलेगा बिहार जैसा सम्मान, CM योगी का ऐलान
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वंचितों की बुलंद आवाज थे रामविलास पासवान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान दलितों, गरीबों और वंचित वर्गों की मजबूत आवाज थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए समर्पित किया। योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि रामविलास पासवान को बिहार में जिस प्रकार सम्मान दिया जा रहा है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी उनके योगदान को सम्मान मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार, 8 अक्टूबर को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से भी दिवंगत नेता को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लगभग 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं को उठाने का मंच बनाया। दलितों और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने लगातार संघर्ष किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना था। उन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया और देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उनके विचार और व्यवहार में समानता थी। वह जो कहते थे, उसी के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास करते थे। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की आवाज उठाई। यही कारण है कि उन्हें आज भी सम्मान और आदर के साथ याद किया जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने बिहार सरकार द्वारा रामविलास पासवान की पुण्यतिथि को राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार में दिवंगत नेता को जो सम्मान दिया जा रहा है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी उनके योगदान को उचित सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के साथ संसद में बिताए अपने दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारधाराओं में अंतर होने के बावजूद उनके प्रति सम्मान बना रहा। भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति रामविलास पासवान की गहरी आस्था थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पासवान का स्वभाव बेहद सरल, सहज और स्नेहपूर्ण था। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सभी के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखे। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ काम करने के बावजूद उन्होंने अपनी मूल विचारधारा और सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता को बनाए रखा।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में रामविलास पासवान के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में पासवान ने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और जनता से अपना जुड़ाव बनाए रखा। उनके व्यवहार की सरलता और लोगों के प्रति संवेदनशीलता उन्हें एक अलग पहचान देती थी।
मुख्यमंत्री योगी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान की अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है, लेकिन संतोष की बात यह है कि उनके पुत्र चिराग पासवान अपने पिता के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। वह केंद्रीय मंत्री के रूप में सामाजिक न्याय और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को विभिन्न मंचों पर उठा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के उन लोगों के अधिकारों की बात की, जिनकी आवाज अक्सर निर्णय लेने वाले मंचों तक नहीं पहुंच पाती थी।
श्रद्धांजलि सभा में रामविलास पासवान के परिवार के सदस्यों, शुभचिंतकों और अनुयायियों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजनों की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रामविलास पासवान का योगदान केवल बिहार तक सीमित नहीं था। उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में सामाजिक न्याय, समानता और वंचितों के अधिकारों को महत्वपूर्ण स्थान दिलाने का प्रयास किया। उत्तर प्रदेश सरकार भी उनके योगदान और स्मृतियों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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