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राम मंदिर ट्रस्ट के पास 30 किलो सोना, 1518 किलो चांदी सुरक्षित

अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर को लेकर दान में मिली कीमती वस्तुओं और उनके रखरखाव को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार को बताया कि राम मंदिर को देश-विदेश के श्रद्धालुओं से मिले सभी दान और कीमती वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के पास वर्तमान समय में भक्तों द्वारा दान किया गया 30 किलोग्राम से अधिक सोना, 1,518 किलोग्राम चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्री सुरक्षित रखी गई है। इन सभी वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास उपलब्ध है।
दान की गई वस्तुओं को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों में लगाए जा रहे आरोपों के बीच ट्रस्ट की ओर से यह जानकारी दी गई। स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर को प्राप्त सभी कीमती वस्तुओं की विधिवत सूची तैयार की गई है और प्रत्येक वस्तु का हिसाब रखा जाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इन वस्तुओं की सुरक्षा ट्रस्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
2,926 कीमती वस्तुओं का रखा जा रहा रिकॉर्ड
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि राम मंदिर को दान में मिली कुल 2,926 कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इनमें सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात से बने आभूषण और अन्य धार्मिक महत्व की वस्तुएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दान में मिली हर वस्तु को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया गया है और भविष्य में जरूरत के अनुसार उनका उपयोग धार्मिक परंपराओं और मंदिर व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट किसी भी दान सामग्री के साथ लापरवाही नहीं बरत रहा है। मंदिर निर्माण और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दान से संबंधित सभी विवरणों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है।
मीडिया के सामने दिखाई गईं दान में मिली दुर्लभ वस्तुएं
ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को कई ऐसी बहुमूल्य वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रदर्शित किया गया, जो श्रद्धालुओं ने राम मंदिर के लिए समर्पित की थीं। इनमें सोने से बनी रामचरितमानस, हीरे जड़ा हार सहित कई अन्य धार्मिक और कलात्मक वस्तुएं शामिल थीं।
इन वस्तुओं को दिखाने का उद्देश्य यह स्पष्ट करना था कि मंदिर को मिली सभी कीमती चीजें सुरक्षित हैं और उनके संरक्षण की उचित व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट ने बताया कि भक्तों द्वारा श्रद्धा से दी गई प्रत्येक वस्तु मंदिर की संपत्ति है और उसका सम्मानपूर्वक संरक्षण किया जा रहा है।
चांदी की चरण पादुका और काकभुशुंडी कलाकृति भी दिखाई गई
कुछ समय से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया गया था कि मंदिर को दान में मिली कुछ वस्तुएं गायब हैं या उनका कोई हिसाब नहीं है। इन दावों के बीच ट्रस्ट ने चांदी की ‘चरण पादुका’ और चांदी से बनी ‘काकभुशुंडी’ कलाकृति भी मीडिया के सामने प्रस्तुत की।
ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि जिन वस्तुओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, वे सुरक्षित हैं और उनका रिकॉर्ड मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि किए किसी भी प्रकार की जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें।
दान और पारदर्शिता को लेकर ट्रस्ट का रुख
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन के लिए किया गया है। ट्रस्ट लगातार यह दावा करता रहा है कि मंदिर निर्माण और दान व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग और विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का दान दिया है। ट्रस्ट के अनुसार, दान में मिली राशि और सामग्री का उपयोग निर्धारित नियमों और धार्मिक उद्देश्यों के अनुसार किया जाता है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए यहां प्राप्त हर दान को विशेष महत्व दिया जाता है और उसकी सुरक्षा के लिए आधुनिक व्यवस्था अपनाई गई है।
आरोपों के बीच ट्रस्ट ने दी सफाई
राम मंदिर में दान के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी दान का रिकॉर्ड मौजूद है और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है।
स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि मंदिर से जुड़ी सभी संपत्तियों और दान सामग्री का हिसाब व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं द्वारा दी गई हर वस्तु सुरक्षित है और भविष्य में भी उसकी देखरेख पूरी जिम्मेदारी के साथ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बहुत गहरी है और ट्रस्ट इस विश्वास को बनाए रखने के लिए पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है।





