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अयोध्या। राम मंदिर दान चोरी मामले में सोमवार को अदालत में हुई अहम सुनवाई के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अदालत ने मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। पुलिस ने इन आरोपियों से गहन पूछताछ और मामले से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच के लिए सात दिन की कस्टडी की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीमित अवधि के लिए पुलिस रिमांड की अनुमति दी। पुलिस अब तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि कस्टडी में पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस का मुख्य फोकस कथित रूप से गायब हुई दान राशि, पैसों के लेन-देन, बैंक खातों की गतिविधियों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
बुधवार सुबह 10 बजे से शुरू होगी पूछताछ
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों से बुधवार सुबह 10 बजे से पूछताछ शुरू की जाएगी। पूछताछ के दौरान आरोपियों से चोरी या गबन के तरीके, इसमें शामिल अन्य लोगों और धन के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। जांच टीम जरूरत पड़ने पर आरोपियों को उनके कथित ठिकानों पर भी ले जा सकती है। पुलिस उन स्थानों की भी जांच करेगी जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य या अन्य सामान मिलने की संभावना है। जांच एजेंसियों की नजर खास तौर पर अनुकल्प मिश्रा की हाल में खरीदी गई संपत्तियों पर है। पुलिस उसके नए घर, वाहनों और अन्य संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्थानों की तलाशी भी ली जा सकती है।
सीसीटीवी फुटेज में मिले अहम सुराग
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख किया है। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में कुछ लोगों को नोटों की गड्डियों से खुले नोट निकालते और उन्हें कपड़ों, जेबों या अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया। एसआईटी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कई बार कथित चोरी या गड़बड़ी के संकेत मिलने की बात कही है। हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। जांच टीम सभी डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
जेल में पूछताछ के बाद बढ़ी जांच की गति
इस मामले में पुलिस पहले भी जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में जेल पहुंची टीम ने पांच आरोपियों से पूछताछ की थी। इस दौरान कुछ नए तथ्य सामने आने का दावा किया गया, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ करने से पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी कितने समय से चल रही थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और दान की राशि का इस्तेमाल कहां किया गया।
आर्थिक नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका पर नजर
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सिर्फ चोरी या गबन की घटना तक सीमित जांच नहीं की जा रही है, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरे आर्थिक नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस बैंक खातों, संपत्तियों और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है। अयोध्या पुलिस का मानना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस और एसआईटी दोनों ही सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। अदालत के आदेश के बाद अब तीनों आरोपियों से होने वाली पूछताछ इस मामले में महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है।





