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Ram Janmabhoomi मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी SIT की जांच रिपोर्ट

Ayodhya अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकती है। राज्य सरकार की ओर से शीर्ष अदालत को जांच की प्रगति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जांच की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है और रिपोर्ट का प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट सौंपने से पहले कुछ बिंदुओं पर तथ्य सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट में मामले से जुड़े सभी पहलुओं, जिम्मेदारियों और व्यवस्थागत कमियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग भी की है। वहीं, शासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और केवल कुछ तकनीकी एवं तथ्यात्मक पहलुओं की पुष्टि बाकी है। सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट पेश होने के बाद एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट औपचारिक रूप से शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की संभावना है।
जांच रिपोर्ट में मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन, नकद दान की गणना प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और ऑडिट प्रणाली से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि एसआईटी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के सुझाव भी दे सकती है।
इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। समिति में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ आईजी किरण एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन को शामिल किया गया था। एसआईटी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान की गणना के दौरान कथित गबन के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
शासन ने एसआईटी को विस्तृत जांच पूरी करने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट तलब की गई। इसके चलते रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के बजाय पहले न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर से जुड़े रिकॉर्ड, दान की गणना प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की गई है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि जांच के आधार पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके।
अब सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और मंदिर में दान प्रबंधन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।





