उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित

Kavita2
28 Aug 2026 11:31 AM IST
रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित
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वाराणसी। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर धर्मनगरी काशी में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा विश्वेश्वर का विशेष श्रृंगार किया गया। इस पावन मौके पर मंगला आरती में भगवान शिव को श्रद्धा और भक्ति से तैयार की गई विशेष राखी अर्पित की गई।

मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।

बाबा को अर्पित की गई आस्था की राखी

रक्षाबंधन के दिन काशी में बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित करने की विशेष परंपरा है। काशीवासी इस दिन भगवान शिव को अपना आराध्य और परिवार का संरक्षक मानते हुए उन्हें राखी बांधते हैं।

मंदिर में अर्पित की जाने वाली यह राखी सामान्य नहीं होती, बल्कि विशेष रूप से सुगंधित फूलों से तैयार की जाती है। भक्तों का मानना है कि भगवान शिव को राखी अर्पित करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और सभी संकटों से रक्षा होती है।

विशेषकर महिलाएं इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ को राखी चढ़ाती हैं और अपने भाइयों की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

महादेव ने मनाया झूलनोत्सव

सावन पूर्णिमा के दिन धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव माता पार्वती और परिवार के साथ झूलनोत्सव मनाते हैं। इसी परंपरा के तहत बाबा विश्वनाथ को रुद्राक्ष से बने विशेष झूले पर विराजमान किया जाता है।

इस अवसर पर भक्तों को बाबा के विशेष स्वरूप के दर्शन प्राप्त होते हैं। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

रुद्राक्ष के झूले पर विराजमान बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।

भोर से ही उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रक्षाबंधन के पर्व को लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर परिवार की खुशहाली और सुरक्षा की कामना की।

मंदिर प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मी और मंदिर कर्मचारी लगातार तैनात रहे।

प्रसाद में मिली राखी भाइयों को बांधती हैं महिलाएं

काशी की इस परंपरा से जुड़ी एक खास मान्यता भी है। कई महिलाएं बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित करने के बाद प्रसाद स्वरूप मिली राखी को अपने भाइयों की कलाई पर बांधती हैं।

भक्तों की आस्था है कि जब यह राखी बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित हो जाती है तो इसमें भगवान शिव का आशीर्वाद शामिल हो जाता है। इसे भाइयों की रक्षा और मंगल कामना के लिए शुभ माना जाता है।

आस्था और परंपरा का अनोखा संगम

रक्षाबंधन के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। जहां एक ओर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर भक्तों ने बाबा विश्वनाथ से पूरे परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा का आशीर्वाद मांगा।

काशी में भगवान शिव को केवल आराध्य ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह पूजा जाता है। यही कारण है कि यहां रक्षाबंधन का पर्व विशेष श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाया जाता है।

भक्तों ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना

मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। कई भक्तों ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन बाबा को राखी अर्पित करना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान शिव की कृपा से परिवार में प्रेम और सुरक्षा का भाव हमेशा बना रहता है।

रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में हुई विशेष पूजा और श्रृंगार ने धार्मिक नगरी को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया।

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