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Police कार्रवाई पर राकेश टिकैत का हमला, बोले- बातचीत से सुलझाएं आंदोलन

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : मेरठ में प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और थप्पड़ मारने की घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कड़ा विरोध जताया है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने पूरे मामले की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलनकारियों के साथ बातचीत और कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए, न कि बल प्रयोग किया जाना चाहिए।
मुजफ्फरनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन से निपटने का एक निर्धारित तरीका होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में कई नए अधिकारियों को आंदोलनों को संभालने और प्रदर्शनकारियों से संवाद करने का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पहले बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए।
राकेश टिकैत ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी हो तो वह भी नियमों और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ मारपीट या बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
उन्होंने मेरठ की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस सुरक्षा में मौजूद एक सम्मानित व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जो पूरी तरह गलत है। टिकैत ने कहा कि जब पुलिस किसी व्यक्ति को अपनी सुरक्षा में लेकर वाहन में बैठाती है तो उसकी जिम्मेदारी भी पुलिस की होती है। इसके बाद उसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करना गंभीर मामला है।
भाकियू नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों और आम लोगों के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। यदि किसी भी आंदोलनकारी के साथ अन्याय होता है तो संगठन उसके खिलाफ आवाज उठाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अधिकारियों को प्रदर्शन एवं आंदोलनों से निपटने के लिए संवेदनशील तरीके अपनाने चाहिए।
राकेश टिकैत के बयान के बाद मेरठ की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें प्रशासन की ओर हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।





