उत्तर प्रदेश

कानपुर में बारिश का कहर, 12 मकान ढहे; 25 लोग बचाए गए

Kavita2
29 July 2026 10:10 AM IST
कानपुर में बारिश का कहर, 12 मकान ढहे; 25 लोग बचाए गए
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कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने जाजमऊ स्थित रैदास विहार नई बस्ती के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण जलभराव हुआ और पानी के दबाव से कमजोर हुईं कई मकानों की दीवारें अचानक दरकने लगीं। देखते ही देखते एक के बाद एक करीब 12 मकान भरभराकर गिर गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मकान गिरने से करीब 25 लोग मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि हादसे में कुछ लोग घायल हुए, जिन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश घायलों को छुट्टी दे दी गई।

बारिश और जलभराव से कमजोर हुईं दीवारें

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद रैदास विहार नई बस्ती में पानी भरने लगा था। नाला चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई और देखते ही देखते पूरी बस्ती जलमग्न हो गई।

लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण कई मकानों की नींव और दीवारें कमजोर हो गईं। इसी के चलते अचानक मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही देर में कई घर मलबे में तब्दील हो गए।

घटना के बाद बस्ती में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें डर है कि कहीं बाकी कमजोर मकान भी न गिर जाएं।

चार घंटे तक चला बचाव अभियान

मकान गिरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय लोगों की मदद भी ली गई। मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।

रेस्क्यू टीमों ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया, क्योंकि आसपास के अन्य मकान भी कमजोर स्थिति में थे। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सभी 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि राहत अभियान के दौरान किसी बड़ी जनहानि को टाल लिया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।

नाला चोक होने से बनी जलभराव की स्थिति

स्थानीय लोगों ने बताया कि बस्ती में जलभराव की मुख्य वजह नाले की सफाई नहीं होना है। नाला चोक होने के कारण बारिश का पानी बाहर नहीं निकल सका और पूरी बस्ती में भर गया।

कई घरों के अंदर अब भी पानी भरा हुआ है। घरेलू सामान खराब हो गया है और लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जलभराव के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है।

नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर पानी निकालने के काम में जुटी हुई है। मोटर लगाकर बस्ती से पानी बाहर निकाला जा रहा है। इसके अलावा नाले की सफाई का काम भी शुरू कराया गया है।

लोगों में दहशत, घर छोड़ने को मजबूर

मकान गिरने की घटना के बाद बस्ती के लोगों में भय का माहौल है। कई परिवारों ने सुरक्षा को देखते हुए अपने घर खाली कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल जलभराव की समस्या होती है, लेकिन इस बार स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और कमजोर मकानों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन ने शुरू किया निरीक्षण

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

नगर निगम की टीम द्वारा जलभराव खत्म करने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से आसपास के अन्य मकानों की स्थिति की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी और हादसे की आशंका को कम किया जा सके।

बारिश में सावधानी की जरूरत

कानपुर की इस घटना ने मानसून के दौरान कमजोर निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में पुराने और कमजोर मकानों की समय-समय पर जांच जरूरी है।

जाजमऊ की घटना में समय रहते बचाव अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, 12 मकानों के गिरने और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने से नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बस्ती से पानी निकालना, प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति का आकलन करना है।

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