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बारिश बनी आफत PWD कार्यालय की दीवार गिरी मिस्त्री की मौत

अयोध्या। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई जगह जानलेवा साबित हो रही है। जलभराव और बाढ़ के साथ पुराने तथा कमजोर निर्माण भी खतरा बन रहे हैं। सोमवार दोपहर अयोध्या में पीडब्ल्यूडी कार्यालय की बाउंड्रीवाल अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े।
घटना कोतवाली नगर क्षेत्र में सदर तहसील के सामने स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय की है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लगातार बारिश के कारण बाउंड्रीवाल के आसपास की जमीन दलदली और कमजोर हो गई थी। इसी वजह से दीवार का संतुलन बिगड़ा और वह अचानक गिर गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अचानक भरभराकर गिर गई दीवार
सोमवार दोपहर पीडब्ल्यूडी कार्यालय के आसपास सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान कार्यालय की बाउंड्रीवाल अचानक गिर पड़ी। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दीवार गिरने के दौरान मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ उसकी चपेट में आ गए। भारी मलबा उनके ऊपर गिर गया और वह उसके नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो रविंदर को मलबे के नीचे दबा पाया।
इसके बाद उन्हें निकालने का प्रयास शुरू किया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
सहादतगंज के रहने वाले थे रविंदर
मृतक की पहचान रविंदर गौड़ के रूप में हुई है। वह थाना कैंट क्षेत्र के सहादतगंज के रहने वाले थे और मोटरसाइकिल मिस्त्री का काम करते थे। रोजाना की तरह वह अपने काम में लगे हुए थे, तभी अचानक हुए हादसे ने उनकी जान ले ली।
रविंदर की मौत की सूचना परिवार तक पहुंचते ही मातम पसर गया। जिस व्यक्ति के घर लौटने का इंतजार था, उसकी मौत की खबर मिलने से परिजन सदमे में आ गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिचित और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे।
बारिश से जमीन दलदली होने की आशंका
पीडब्ल्यूडी कार्यालय सदर तहसील के सामने स्थित है। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण बाउंड्रीवाल के आसपास की जमीन में काफी नमी आ गई थी। कुछ स्थानों पर जमीन दलदली होने की बात भी सामने आई है।
आशंका है कि मिट्टी कमजोर होने से दीवार की नींव पर असर पड़ा होगा और बाउंड्रीवाल गिर गई। हालांकि यह केवल शुरुआती आशंका है। तकनीकी जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि दीवार बारिश के कारण गिरी या उसके कमजोर और जर्जर होने के पीछे अन्य कारण भी थे।
यह भी जांच का विषय हो सकता है कि बाउंड्रीवाल कितनी पुरानी थी और इससे पहले उसमें दरार या झुकाव जैसे खतरे के कोई संकेत दिखाई दिए थे या नहीं।
हादसे के बाद सुरक्षा पर सवाल
सरकारी कार्यालय की बाउंड्रीवाल गिरने से एक व्यक्ति की मौत होने के बाद भवनों और पुरानी दीवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मानसून के दौरान लगातार पानी पड़ने से कमजोर निर्माणों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेष रूप से सड़क किनारे, बाजारों और सरकारी कार्यालयों के आसपास मौजूद पुरानी दीवारें ज्यादा जोखिम पैदा कर सकती हैं, क्योंकि इनके पास रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।
ऐसे स्थानों पर समय रहते कमजोर निर्माणों की पहचान कर उनकी मरम्मत या उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाना आवश्यक है।
लगातार बारिश बढ़ा रही खतरा
प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। कहीं नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है तो कहीं जलभराव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। लगातार बारिश का असर पुराने मकानों, दीवारों और अन्य कमजोर संरचनाओं पर भी पड़ता है।
मिट्टी में लगातार पानी भरने से नींव कमजोर हो सकती है। ऐसे में पहले से कमजोर दीवारें अचानक गिरने का खतरा पैदा करती हैं। अयोध्या की घटना ने इसी जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है।
जर्जर भवनों की पहचान जरूरी
इस हादसे के बाद ऐसे भवनों और दीवारों की पहचान की आवश्यकता बढ़ गई है, जो बारिश के दौरान दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के आसपास पुराने निर्माणों का निरीक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
यदि किसी दीवार में बड़ी दरार, झुकाव या नींव कमजोर होने जैसे संकेत दिखाई देते हैं तो उसके आसपास लोगों की आवाजाही रोककर तत्काल मरम्मत की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों को भी बारिश के दौरान जर्जर दीवारों और पुराने भवनों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
जांच से साफ होगी असली वजह
अब प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीडब्ल्यूडी कार्यालय की बाउंड्रीवाल आखिर क्यों गिरी। क्या लगातार बारिश और दलदली जमीन ही इसकी वजह थी या दीवार पहले से कमजोर थी, इसकी जांच जरूरी होगी।
यदि दीवार की स्थिति पहले से खराब थी तो यह भी पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि उसकी मरम्मत या सुरक्षा के लिए पहले कोई कदम उठाया गया था या नहीं।
सोमवार दोपहर हुए इस हादसे ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया। मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ अपने काम में लगे थे, लेकिन अचानक गिरी दीवार के मलबे में दबने से उनकी मौत हो गई। अब जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति का पता चल सकेगा।





