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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। सितंबर के तीसरे सप्ताह में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगी है और कई हिस्सों में मौसम शुष्क होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 19 सितंबर के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक **20 और 21 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई राज्यस्तरीय चेतावनी नहीं है।** हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा सकती।
यूपी में पिछले कुछ दिनों से कहीं तेज बारिश तो कहीं उमस और धूप का मिला-जुला मौसम देखने को मिला है। अब मॉनसून की सक्रियता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी है। मौसम विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर भी बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत हैं।
20 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम
रविवार, 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा पिछले दिनों के मुकाबले कम रहने की संभावना है। IMD की सब-डिवीजन चेतावनी के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए 20 सितंबर को भारी बारिश, आंधी या बिजली गिरने की कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है।
लखनऊ के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 20 सितंबर को आसमान पहले आंशिक रूप से बादलों वाला और बाद में मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। शहर में न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री और अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 20 सितंबर के लिए लखनऊ में भी कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
कुछ निजी मौसम रिपोर्टों में 20 सितंबर की सुबह मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बताई गई है। इनमें लखनऊ और कानपुर के आसपास के इलाकों का भी जिक्र है। हालांकि IMD की 19 सितंबर को उपलब्ध राज्यस्तरीय चेतावनी तालिका 20 सितंबर के लिए पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों में ‘नो वार्निंग’ दिखाती है। इसलिए भारी बारिश के जिला-स्तरीय दावों को नवीनतम स्थानीय बुलेटिन से मिलाकर देखना जरूरी है।
21 सितंबर को और कम होगी बारिश
सोमवार, 21 सितंबर को बारिश की गतिविधियां और कमजोर पड़ने का अनुमान है। IMD की मौजूदा चेतावनी के मुताबिक इस दिन भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं है। लखनऊ में आसमान मुख्यतः साफ रहने और अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का पूर्वानुमान है।
बारिश कम होने और बादलों का असर घटने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके कारण दोपहर में गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। रात और सुबह के समय वातावरण में नमी बने रहने की संभावना है।
पूर्वी यूपी में क्या रहेगा हाल**
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 सितंबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं, लेकिन इसके बाद इनमें कमी आने का पूर्वानुमान है। उपलब्ध क्षेत्रीय रिपोर्ट के अनुसार 20, 21 और 22 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। 23 से 25 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में दोबारा हल्की बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं।
पूर्वांचल में मॉनसून के अंतिम दौर में स्थानीय नमी के कारण अचानक बादल बनने और कहीं-कहीं हल्की बौछार पड़ने की स्थिति बन सकती है। इसलिए राज्यस्तरीय चेतावनी नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि हर स्थान पर बारिश की संभावना बिल्कुल शून्य है।
पश्चिमी यूपी में मौसम होगा शुष्क
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून की सक्रियता तेजी से कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। 20 से 24 सितंबर के बीच पश्चिमी यूपी में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान सामने आया है। 25 सितंबर को कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बन सकती है।
मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मथुरा और आगरा समेत पश्चिमी हिस्सों में बारिश कम होने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। दिन में धूप निकलने और वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस भी बनी रह सकती है।
मॉनसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू
उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी सामान्य तौर पर पश्चिमी राजस्थान से शुरू होती है और इसके बाद यह धीरे-धीरे दूसरे हिस्सों से वापस जाता है। IMD ने 18 सितंबर को कहा था कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियों का कमजोर होना इसी बदलते मौसम का संकेत है। एक क्षेत्रीय रिपोर्ट के अनुसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 22 सितंबर के बाद प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर काफी कमजोर पड़ने की बात कही गई है।
हालांकि मॉनसून की औपचारिक वापसी एक मौसम वैज्ञानिक प्रक्रिया है। केवल एक-दो दिन बारिश नहीं होने को किसी क्षेत्र से मॉनसून की आधिकारिक विदाई नहीं माना जाता। IMD हवा की दिशा, नमी और लगातार शुष्क मौसम सहित कई मानकों के आधार पर वापसी की घोषणा करता है।
बारिश थमते ही बढ़ सकती है गर्मी
मॉनसून कमजोर होने के साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान बढ़ सकता है। लखनऊ में 20 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और 21 सितंबर को 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 22 सितंबर को भी तापमान करीब 36 डिग्री रह सकता है।
सितंबर के आखिरी हिस्से में धूप तेज होने के बावजूद वातावरण में नमी बनी रहती है। इस कारण वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। बारिश के बाद तेज धूप निकलने पर उमस और बढ़ सकती है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण अगले दो दिन
बारिश की गतिविधियों में कमी किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। खेतों में जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकलने का मौका मिलेगा, जबकि धान और खरीफ की दूसरी फसलों के लिए मिट्टी की नमी पर नजर रखना जरूरी होगा। स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना बनी रहने के कारण किसान कृषि कार्य से पहले अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देख सकते हैं।
मौसम साफ होने पर कटाई के करीब पहुंच चुकी फसलों और खेतों में दूसरे कामों को गति मिल सकती है। दूसरी ओर अचानक स्थानीय बारिश होने की स्थिति में खुले में रखी उपज को नुकसान हो सकता है।
अगले दो दिन की तस्वीर
फिलहाल 20 और 21 सितंबर के लिए उत्तर प्रदेश में किसी व्यापक भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। दोनों दिन पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर स्थानीय बादल या हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम शुष्क रहने की संभावना अधिक है।
बारिश का दौर कमजोर होने के साथ अब उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता दिखाई देगा। दिन में धूप और गर्मी बढ़ सकती है, जबकि सुबह और रात में धीरे-धीरे बदलाव महसूस होगा। 20 और 21 सितंबर के बाद भी मौसम में स्थानीय बदलाव संभव हैं, इसलिए बारिश या बिजली से जुड़ी जानकारी के लिए IMD के नवीनतम जिला-स्तरीय बुलेटिन को प्राथमिकता देना उचित होगा।
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