उत्तर प्रदेश

वंदे भारत की चपेट में आया रेलकर्मी, ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत

Kavita2
24 Sept 2026 2:11 PM IST
वंदे भारत की चपेट में आया रेलकर्मी, ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत
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जमुई। दानापुर-आसनसोल मुख्य रेलखंड पर जमुई जिले में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक रेल हादसा सामने आया है। रेलवे फाटक संख्या 39 के समीप रानीकुरा गांव के पास डाउन रेललाइन पर तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक रेलकर्मी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान करीब 40 वर्षीय राकेश कुमार साव के रूप में की गई है। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और रेलवे महकमे में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार साव रेलवे में कार्यरत थे और घटना के समय रानीकुरा गांव के पास अपनी नियमित विभागीय ड्यूटी कर रहे थे। वह रेलवे फाटक संख्या 39 के समीप पोल संख्या 370/22 और 370/24 के बीच रेलवे ट्रैक पर विभाग से संबंधित कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान डाउन लाइन पर तेज गति से वंदे भारत एक्सप्रेस वहां पहुंची। बताया जा रहा है कि रेलकर्मी ट्रेन की चपेट में आ गए और गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों और रेलवे कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तत्काल रेलवे के संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को रेलवे ट्रैक से हटाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ड्यूटी के दौरान रेलकर्मी वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में कैसे आए। घटना के समय राकेश कुमार साव किस तरह का विभागीय कार्य कर रहे थे और उन्हें ट्रेन के आने की जानकारी समय रहते मिली थी या नहीं, इन बिंदुओं की जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां से नियमित रूप से कई यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। रेलवे ट्रैक पर रखरखाव सहित अन्य तकनीकी कार्य करने वाले कर्मचारियों को ट्रेन परिचालन के बीच बेहद सावधानी से काम करना पड़ता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए ट्रेन के आवागमन से जुड़ी सूचना और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।

राकेश कुमार साव की मौत की खबर जैसे ही उनके साथी कर्मचारियों तक पहुंची, उनमें शोक की लहर दौड़ गई। ड्यूटी के दौरान साथी कर्मचारी की अचानक मौत से रेलकर्मी स्तब्ध हैं। घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि हादसे में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या यह अचानक हुई दुर्घटना थी, इस संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

रेलवे प्रशासन द्वारा घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के समय आसपास मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि वंदे भारत एक्सप्रेस के वहां पहुंचने से पहले ट्रैक पर कार्य कर रहे कर्मचारी को ट्रेन के मूवमेंट की सूचना किस तरह दी गई थी और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

घटना की खबर रानीकुरा और आसपास के इलाकों में फैलने के बाद स्थानीय लोगों में भी दुख का माहौल है। मृतक रेलकर्मी के परिवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य की ड्यूटी के दौरान अचानक मौत ने परिजनों को गहरा सदमा दिया है।

पुलिस और रेलवे की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा सकती है। जांच में हादसे की वजह और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।

दानापुर-आसनसोल मुख्य रेलखंड पर हुई इस घटना ने रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है। तेज रफ्तार ट्रेनों के परिचालन के बीच ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और ट्रेन मूवमेंट की समय पर जानकारी बेहद जरूरी होती है। फिलहाल राकेश कुमार साव की मौत से रेलवे कर्मचारियों और उनके परिचितों में शोक है। मामले की जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह और इससे जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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