उत्तर प्रदेश

बुलंदशहर में मिलावट की आशंका पंजाबी डेयरी पर छापेमारी

Ratna Netam
16 Aug 2026 7:37 PM IST
बुलंदशहर में मिलावट की आशंका पंजाबी डेयरी पर छापेमारी
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बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर कस्बे में खाद्य विभाग की टीम ने पंजाबी डेयरी पर छापेमारी की। जांच के दौरान डेयरी परिसर में करीब 700 किलो पनीर का भंडारण मिला। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर रखे होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने उसकी गुणवत्ता, निर्माण और भंडारण व्यवस्था की जांच की। टीम ने पनीर के अलग-अलग नमूने लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पनीर की गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट होने या न होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
खाद्य विभाग को पंजाबी डेयरी में बड़ी मात्रा में पनीर का भंडारण होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की एक टीम ने डेयरी परिसर में पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने वहां रखे पनीर की मात्रा का आकलन करने के साथ यह भी देखा कि उसे किन परिस्थितियों में तैयार और सुरक्षित रखा गया था। अधिकारियों ने परिसर में स्वच्छता, तापमान और भंडारण से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जांच की।
मौके पर करीब सात क्विंटल पनीर मिलने से डेयरी परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने पनीर के अलग-अलग हिस्सों से नमूने एकत्र किए, ताकि प्रयोगशाला जांच में उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाया जा सके। नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील करके प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य अधिकारी अनिल कुमार राय ने बताया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो नियमानुसार मामला समाप्त किया जा सकता है। यदि नमूना घटिया गुणवत्ता वाला, मिथ्या छाप वाला, मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल बड़ी मात्रा में पनीर का भंडारण मिलना अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है। इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा का निर्णय प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसलिए जांच रिपोर्ट आने से पहले पनीर को मिलावटी या नकली घोषित नहीं किया जा सकता। विभाग ने डेयरी संचालक से पनीर की खरीद, निर्माण, आपूर्ति और भंडारण से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।
जांच में यदि पनीर में ऐसे पदार्थों की मिलावट मिलती है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें आर्थिक जुर्माना, उत्पाद जब्त करने और लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायन पाए जाने की स्थिति में कार्रवाई अधिक सख्त होगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसी घातक या स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर संबंधित संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर भी विचार किया जाएगा। ऐसा उत्पाद बाजार में भेजे जाने योग्य नहीं पाया गया तो उसे नियमानुसार जब्त कर नष्ट कराया जा सकता है। डेयरी का फूड लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित अथवा निरस्त करने की कार्रवाई भी जांच निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
पनीर दूध से तैयार होने वाला ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे खराब होने से बचाने के लिए उचित तापमान पर रखना जरूरी होता है। गलत तापमान, गंदे बर्तन, दूषित पानी और अस्वच्छ परिसर के कारण इसमें हानिकारक जीवाणु पैदा हो सकते हैं। इसलिए खाद्य विभाग गुणवत्ता के साथ उत्पादन और भंडारण की परिस्थितियों की भी जांच करता है।
त्योहारों और विवाह समारोहों के दौरान पनीर, दूध, मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी कारण खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें डेयरी इकाइयों, मिठाई दुकानों और खाद्य सामग्री के गोदामों की जांच तेज करती हैं। अधिकारियों ने व्यापारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल पंजाबी डेयरी से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि पनीर मानकों के अनुरूप है या विभाग को कानूनी कार्रवाई करनी होगी।
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