उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में छात्रों से राहुल गांधी की सीधी बात रोजगार संकट पर सरकार को घेरा

Ratna Netam
8 Aug 2026 9:27 PM IST
प्रयागराज में छात्रों से राहुल गांधी की सीधी बात रोजगार संकट पर सरकार को घेरा
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प्रयागराज : छात्रों से संवाद करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर तीखा हमला बोला। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उनके मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट, स्टार्टअप के लिए लोन की मुश्किलें, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों पर बढ़ते खतरे ने युवाओं की चिंता बढ़ा दी है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के पास सबसे बड़ी ताकत के रूप में उनका डेटा और उनकी क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक डेटा रखने वाले देशों में है और युवा इस ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राहुल ने दावा किया कि इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी पढ़ाई पर बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद युवाओं को रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल डिग्री या प्रमाणपत्र युवाओं को नौकरी दिलाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने देश में युवाओं के रोजगार के लिए पांच प्रमुख रास्तों का जिक्र किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग को पहला रास्ता बताते हुए कहा कि भारत में पर्याप्त उत्पादन और रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन और वियतनाम जैसे देशों के उत्पाद दुनियाभर में दिखाई देते हैं, जबकि भारत में मैन्युफैक्चरिंग की स्थिति कमजोर हुई है। राहुल ने नोटबंदी और जीएसटी को भी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में आई परेशानियों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने दूसरा रास्ता स्टार्टअप और बैंकिंग व्यवस्था को बताया। राहुल गांधी के अनुसार, युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए बैंक लोन और वित्तीय सहायता की जरूरत होती है, लेकिन छोटे उद्यमियों और युवाओं के लिए कर्ज हासिल करना आसान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंकिंग व्यवस्था का लाभ बड़े उद्योगपतियों को अधिक मिलता है, जबकि सामान्य युवाओं को वित्तीय सहायता हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों को भी अपने संबोधन का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में युवा परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी समस्याएं उनकी मेहनत पर असर डालती हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में परीक्षा देने वाले युवाओं में बहुत कम लोगों को ही नौकरी मिल पाती है। राहुल ने सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में रोजगार के अवसर घटने का आरोप लगाते हुए निजीकरण को भी निशाने पर लिया।
राहुल गांधी ने प्राइवेट सेक्टर में रोजगार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से काम करने के तरीके बदल रहा है और आने वाले समय में कई प्रकार की नौकरियों पर इसका असर पड़ सकता है। उनके मुताबिक युवाओं के सामने रोजगार के पारंपरिक रास्ते कमजोर हो रहे हैं और इसी वजह से उनके भीतर असुरक्षा तथा भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने हाल के छात्र आंदोलनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने डर का सामना करते हुए अपनी आवाज उठाई है। राहुल ने छात्रों से कहा कि व्यवस्था में बदलाव के लिए नफरत और हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रेम और संवाद के जरिए बदलाव लाने की बात कही और युवाओं से भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कुछ बड़े कारोबारी समूहों की संपत्ति और प्रभाव तेजी से बढ़ा है, जबकि आम युवाओं के सामने रोजगार और आर्थिक अवसरों की कमी बनी हुई है। उन्होंने भाजपा के आर्थिक संसाधनों में वृद्धि का भी उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था का लाभ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाने का आरोप लगाया।
प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा पहुंचे। बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर जलभराव और कीचड़ जैसी परेशानियां भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद छात्र कार्यक्रम में मौजूद रहे। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए रोजगार, शिक्षा और आर्थिक अवसरों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्र संवाद रोजगार और युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप, सरकारी नौकरी, सार्वजनिक क्षेत्र और निजी रोजगार को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं, छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की।
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