उत्तर प्रदेश

रायबरेली रेलवे स्टेशन के पावर सिस्टम का होगा विस्तार

Ratna Netam
19 Sept 2026 6:31 PM IST
रायबरेली रेलवे स्टेशन के पावर सिस्टम का होगा विस्तार
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रायबरेली। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। स्टेशन पर प्रस्तावित लिफ्ट और एस्केलेटर के संचालन के लिए बिजली की बढ़ती जरूरत को देखते हुए विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से सर्वे का काम पूरा कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद क्षमता विस्तार से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
रायबरेली रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्टेशन पर विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं के कारण बिजली की खपत भी लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में स्टेशन पर लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं शुरू होने पर विद्युत भार में और बढ़ोतरी होगी। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले से ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
स्टेशन परिसर में लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा मिलने से खास तौर पर बुजुर्ग यात्रियों, दिव्यांगजन, महिलाओं, बच्चों और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। वर्तमान में एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए यात्रियों को फुट ओवरब्रिज और सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में लिफ्ट और एस्केलेटर चालू होने के बाद प्लेटफॉर्म बदलना अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
रेलवे की योजना के तहत स्टेशन की विद्युत व्यवस्था का सर्वे कराया गया है। इसमें वर्तमान विद्युत भार, उपलब्ध क्षमता और भविष्य में शुरू होने वाली सुविधाओं के कारण बढ़ने वाली बिजली की मांग का आकलन किया गया। सर्वे के दौरान यह भी देखा गया कि लिफ्ट और एस्केलेटर के साथ स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्री सुविधाओं और उपकरणों को निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने के लिए किस स्तर की अतिरिक्त क्षमता की आवश्यकता होगी।
सर्वे पूरा होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे। इसके साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य भी किए जा सकते हैं।
रेलवे स्टेशन पर नई सुविधाएं विकसित करते समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। लिफ्ट और एस्केलेटर जैसे उपकरणों को नियमित और सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए पर्याप्त विद्युत क्षमता जरूरी होती है। मौजूदा व्यवस्था पर अतिरिक्त भार डालने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। यही कारण है कि इन सुविधाओं को पूरी तरह शुरू करने से पहले विद्युत उपकेंद्र को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
रेलवे की कोशिश है कि स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिले। इसके तहत स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ आधारभूत संरचना को भी मजबूत किया जा रहा है। बिजली व्यवस्था में सुधार इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ने के बाद न केवल लिफ्ट और एस्केलेटर के संचालन में आसानी होगी, बल्कि स्टेशन की अन्य विद्युत जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
रायबरेली रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है और यहां से विभिन्न शहरों के लिए यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की मांग लंबे समय से होती रही है। रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की योजनाओं के तहत भी यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के साथ अब सुगम आवागमन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
लिफ्ट और एस्केलेटर शुरू होने से सबसे अधिक फायदा उन यात्रियों को होगा जिन्हें सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में परेशानी होती है। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बदलना कई बार मुश्किल हो जाता है। इसी तरह छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और भारी सामान लेकर आने वाले यात्रियों को भी फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। नई सुविधाओं से उनकी यह समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
हालांकि, लिफ्ट और एस्केलेटर का संचालन तभी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है, जब स्टेशन पर बिजली की पर्याप्त उपलब्धता हो। रेलवे प्रशासन इसी वजह से पहले विद्युत आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सर्वे रिपोर्ट में तकनीकी जरूरतों के आधार पर क्षमता विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उच्च स्तर से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होने का रास्ता साफ होगा।
क्षमता बढ़ाने के दौरान नए ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत उपकरणों की जरूरत पड़ती है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय तकनीकी स्वीकृति और प्रस्ताव के आधार पर होगा। इसके अलावा केबलिंग, वितरण पैनल और सुरक्षा उपकरणों की जरूरतों का भी आकलन किया जा सकता है। रेलवे के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि नई यात्री सुविधाओं के संचालन के दौरान स्टेशन की मौजूदा बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो।
स्टेशन पर बिजली की बेहतर व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। प्लेटफॉर्म पर प्रकाश व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, उद्घोषणा प्रणाली, टिकटिंग से जुड़े उपकरण, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं बिजली पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ने से भविष्य में बढ़ने वाले विद्युत भार को संभालने में सहायता मिलेगी।
लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए नियमित रखरखाव भी जरूरी होगा। रेलवे को इनके संचालन के साथ बिजली की निर्बाध उपलब्धता और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। क्षमता विस्तार की योजना को इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल सर्वे रिपोर्ट भेजे जाने के बाद रेलवे की अगली प्रक्रिया स्वीकृति और आवश्यक कार्यों को शुरू करने से जुड़ी होगी। काम पूरा होने के बाद स्टेशन की बिजली व्यवस्था अतिरिक्त भार संभालने में अधिक सक्षम हो सकेगी। इसके बाद प्रस्तावित लिफ्ट और एस्केलेटर के संचालन का रास्ता भी आसान होगा।
रायबरेली रेलवे स्टेशन पर इन सुविधाओं के विकसित होने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में सहूलियत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। रेलवे की ओर से विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वे रिपोर्ट भेजा जाना स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है।
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