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उत्तर प्रदेश
फिरोजाबाद में तिरंगा अभियान पर उठे सवाल डूडा ने भेजे 25 हजार पुराने झंडे
nidhi
11 Aug 2026 10:50 AM IST

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पुराने और फटे झंडों से हर घर तिरंगा अभियान पर बवाल फिरोजाबाद में मचा विवाद
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि डूडा की ओर से नगर निगम को करीब 25,000 पुराने और फटे तिरंगे भेज दिए गए। मामला सामने आने के बाद नगर निगम स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं कि अभियान के लिए झंडों की गुणवत्ता और उनकी स्थिति की जांच किस स्तर पर की गई।
25 हजार झंडों को लेकर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, डूडा की ओर से नगर निगम को बड़ी संख्या में तिरंगे उपलब्ध कराए गए। इनमें करीब 25 हजार झंडे पुराने और फटे होने का आरोप लगाया गया है। राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े मामले में झंडों की स्थिति को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है। ऐसे में अभियान के लिए अनुपयुक्त झंडे भेजे जाने की शिकायत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
'हर घर तिरंगा' अभियान की तैयारी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। फिरोजाबाद में भी अभियान को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में झंडों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पुराने और फटे झंडे सामने आने के बाद मामला विवादों में आ गया।
नगर निगम में भेजे गए झंडे
बताया जा रहा है कि डूडा ने नगर निगम में करीब 25 हजार झंडे भेजे। जब इनकी स्थिति को लेकर सवाल उठे तो संबंधित अधिकारियों के सामने समस्या आ गई। अब यह जांच का विषय है कि झंडों की खरीद या आपूर्ति के दौरान उनकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का मुद्दा
तिरंगा देश की राष्ट्रीय पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसलिए फटे या क्षतिग्रस्त झंडों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गरिमा को बनाए रखना हर नागरिक और संबंधित संस्थान की जिम्मेदारी है। ऐसे में अभियान के लिए भेजे गए झंडों की गुणवत्ता पर सवाल उठना गंभीर माना जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर हो सकती है जांच
मामला सामने आने के बाद संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि पुराने और फटे झंडे किस स्तर पर स्वीकार किए गए और उन्हें नगर निगम तक भेजने से पहले उनकी जांच क्यों नहीं हुई। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
अभियान पर पड़ सकता है असर
'हर घर तिरंगा' अभियान का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना है। ऐसे में अभियान के लिए खराब झंडों की आपूर्ति होने से इसकी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन के सामने अब यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि लोगों तक केवल उचित स्थिति वाले और मानकों के अनुरूप तिरंगे ही पहुंचें।
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