उत्तर प्रदेश

दिल्ली-लखनऊ हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Saba Naaz
16 July 2026 4:47 PM IST
दिल्ली-लखनऊ हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
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हापुड़। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एनएचएआइ की संपत्ति चोरी होने का मामला सामने आया है। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में हाईवे और सर्विस रोड के बीच लगाई गई लोहे की रेलिंग और स्टील सपोर्ट को अज्ञात लोग चोरी कर रहे हैं। इससे जहां एनएचएआइ को आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआइ की ओर से कई स्थानों पर लोहे की रेलिंग लगाई गई थी। खासतौर पर ओवरब्रिज, आबादी वाले क्षेत्रों और सर्विस रोड के पास यह व्यवस्था की गई थी, ताकि वाहन चालक सुरक्षित तरीके से सफर कर सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।

लेकिन अब चोरों की नजर एनएचएआइ की इस संपत्ति पर पड़ गई है। गढ़मुक्तेश्वर से हापुड़ के बीच करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में कई स्थानों से हाईवे की सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग गायब होने की जानकारी सामने आई है। इससे हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले तक गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के अठसैनी गांव के सामने बने ओवरब्रिज के दोनों ओर लोहे की मजबूत रेलिंग लगी हुई थी। लेकिन अब अज्ञात लोगों ने यहां से करीब 15 मीटर से अधिक लंबी रेलिंग को चोरी कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि इस स्थान के पास ही एक इंटर कॉलेज भी स्थित है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है।

रेलिंग चोरी होने से हाईवे और सर्विस रोड के बीच सुरक्षा का अंतर खत्म हो गया है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। खासकर रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है, क्योंकि अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता।

इसके अलावा कुछ स्थानों पर खनन करने वाले लोगों द्वारा हाईवे किनारे लगी स्टील प्लेटों को काटकर हटाने की शिकायत भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग अपनी सुविधा के लिए हाईवे की साइड रोड पर लगी इन प्लेटों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे सड़क की मजबूती और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि हाईवे जैसी महत्वपूर्ण सड़क पर सुरक्षा उपकरणों की चोरी को रोकना जरूरी है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मामले की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। एनएचएआइ के अधिकारियों का कहना है कि चोरी की गई संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना एनएचएआइ की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में रेलिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की चोरी को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा जल्द ही क्षतिग्रस्त और गायब सुरक्षा उपकरणों को दोबारा लगाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे देश के व्यस्ततम मार्गों में से एक है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में हाईवे की सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की चोरी यात्रियों के लिए खतरा बन सकती है। प्रशासन और एनएचएआइ के सामने अब चुनौती है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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