- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- राम मंदिर मामले में...
राम मंदिर मामले में Saint Avimukteshwaranand ने कही बड़ी बात

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : संभल में ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर दर्ज एफआईआर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि जिम्मेदार बड़े लोगों को बाहर रखा गया है।
अपनी ‘गौ धर्म यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में शुरू से ही मनमाने फैसले लिए गए और पारदर्शिता की कमी रही।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक मामलों में शास्त्रों, वेदों और संतों की राय को नजरअंदाज किया गया है। स्वामी ने दावा किया कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को शामिल किया गया जो राजनीतिक रूप से जुड़े हुए थे, जबकि संतों, ऋषियों और परंपरागत धार्मिक गुरुओं को इससे दूर रखा गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, अगर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होती तो राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी चारों शंकराचार्यों, रामानंदाचार्य और अन्य प्रमुख धार्मिक गुरुओं को सौंपी जा सकती थी। लेकिन इसके बजाय राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी गई, जिससे शुरुआत से ही संदेह पैदा हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि इसी वजह से अब चंदा और दान को लेकर उठ रहे सवाल गंभीर हो जाते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनके अनुसार, जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक इस तरह के विवाद बने रहेंगे।
कुल मिलाकर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर दान मामले में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठाए और जांच की मांग पर जोर दिया।





