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- अब रोज होगी जनसमस्याओं...

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष पद पर तैनात रहीं 2017 बैच की आईएएस अधिकारी एम. अरुन्मोली को जिले का जिलाधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारी का पद संभालने के बाद उन्होंने जनसमस्याओं के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहकर जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ ही उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को इस व्यवस्था का पालन करने को कहा है। निर्देश के अनुसार अधिकारी निर्धारित समय के दौरान अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और वहां पहुंचने वाले लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुनेंगे। इसके साथ ही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलाधिकारी की इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और शिकायतों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करना है। अधिकारियों की कार्यालय में मौजूदगी के लिए समय निर्धारित होने से शिकायतकर्ता सीधे संबंधित अधिकारी के सामने अपनी समस्या रख सकेंगे।
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगी सुनवाई
नई व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनसमस्याएं सुननी होंगी। इस दौरान आम लोग अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। जिलाधिकारी ने जनसमस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को शिकायतों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जनता दर्शन की व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी शुरू की है। इसके माध्यम से शिकायत से जुड़े अधिकारी से तत्काल संपर्क कर मामले की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। इससे शिकायतकर्ता की मौजूदगी में ही संबंधित अधिकारी से सीधे संवाद संभव हो रहा है।
शुक्रवार को आयोजित जनता दर्शन में इसका उपयोग देखने को मिला। जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्या लेकर पहुंचे शिकायतकर्ताओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। शिकायतकर्ता के सामने ही अधिकारी से संबंधित प्रकरण की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई। साथ ही यह भी पूछा गया कि शिकायत मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
शिकायतकर्ता के सामने अधिकारियों से लिया जवाब
जनता दर्शन के दौरान शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इससे शिकायतकर्ता को भी अपने मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी मिल सकी।
इस व्यवस्था के जरिए जिलाधिकारी कार्यालय और जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच शिकायतों को लेकर सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। यदि कोई शिकायत किसी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी या स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी से संबंधित है तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारी से तत्काल जानकारी ली जा सकती है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की समस्याएं सुनें। इस अवधि में आने वाले शिकायतकर्ताओं की बात सुनने के साथ संबंधित प्रकरण की स्थिति को समझकर उसके निस्तारण के लिए कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा
जनता दर्शन को ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ने के पीछे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। अब जिलाधिकारी के सामने आने वाली शिकायतों पर संबंधित अधिकारी से उसी समय जवाब लिया जा सकेगा। इससे यह जानकारी भी मिल सकेगी कि प्रकरण किस स्तर पर लंबित है और उस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
शुक्रवार को जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने इसी व्यवस्था के तहत अधिकारियों से बातचीत की। शिकायतकर्ताओं के सामने ही उनके मामलों की स्थिति पूछी गई और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की ओर से शुरू की गई नई व्यवस्था में अधिकारियों की प्रतिदिन दो घंटे कार्यालय में मौजूदगी और जनता दर्शन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और शिकायतों की स्थिति की जानकारी भी तत्काल प्राप्त हो सकेगी।





