उत्तर प्रदेश

प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूलों की बदलेगी सूरत

Kavita2
5 Sept 2026 3:33 PM IST
प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूलों की बदलेगी सूरत
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बिजनौर। प्रदेश के जर्जर, निष्प्रयोज्य और अधूरे माध्यमिक विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण और निर्माण कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 15.43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की है। इस राशि से विभिन्न विद्यालयों के भवनों के पुनर्निर्माण और अधूरे कार्यों को पूरा कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिन विद्यालय भवनों की स्थिति खराब है या जो भवन पूरी तरह निष्प्रयोज्य हो चुके हैं, उनके पुनर्निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा जिन विद्यालय भवनों का निर्माण किसी कारण से अधूरा रह गया है, उन्हें भी पूरा कराने के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में बिजनौर के तीन राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों के लिए कुल 15.43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत और जारी की गई है।

सरकड़ा कॉलेज के भवन के लिए 6.97 करोड़

बिजनौर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरकड़ा के जर्जर और निष्प्रयोज्य भवन के पुनर्निर्माण के लिए 6.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लंबे समय से भवन की खराब स्थिति के कारण विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ था।

भवन के पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत राशि से विद्यालय में आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इससे छात्राओं को बेहतर कक्षाएं और सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पुराने और जर्जर भवन को हटाकर नए भवन के निर्माण से विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार होने की उम्मीद है।

मानिकपुर इंटर कॉलेज को 5.75 करोड़

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मानिकपुर के भवन निर्माण के लिए 5.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में 2.75 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। पहली किस्त जारी होने के बाद विद्यालय भवन से जुड़े निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकारी विद्यालयों में भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। ऐसे में नए भवन के निर्माण से छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बजट की अगली किस्तें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी होने के बाद निर्माण कार्य को और गति मिलने की संभावना है।

राजापुर के अधूरे भवन को पूरा करने के लिए 4.11 करोड़

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजापुर के अधूरे विद्यालय भवन को पूरा करने के लिए 4.11 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। विद्यालय भवन का निर्माण अधूरा होने के कारण उपलब्ध संसाधनों का पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब अतिरिक्त धनराशि मिलने से अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

भवन के पूरा होने के बाद विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही विद्यालय के लिए पहले से किए गए निर्माण निवेश का भी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

जर्जर भवनों से मिलेगी राहत

सरकारी विद्यालयों में पुराने और जर्जर भवन विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। ऐसे भवनों में पढ़ाई के दौरान सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत ऐसे भवनों को चिन्हित कर उनका पुनर्निर्माण कराया जा रहा है।

इस पहल से विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी। नए भवनों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर कक्षाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। खासतौर पर बालिका इंटर कॉलेजों में बेहतर भवन सुविधाओं का महत्व अधिक है, क्योंकि इससे छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिल सकेगा।

अधूरे निर्माण कार्यों को भी मिलेगा पूरा होने का अवसर

कई बार बजट की कमी, तकनीकी कारणों या अन्य वजहों से विद्यालय भवनों का निर्माण निर्धारित समय में पूरा नहीं हो पाता। इससे सरकारी धन का अपेक्षित लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाता और विद्यालयों को पुराने या वैकल्पिक भवनों में काम चलाना पड़ता है।

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत अधूरे विद्यालय भवनों को पूरा करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने से ऐसी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजापुर इसका उदाहरण है, जहां अधूरे भवन को पूरा करने के लिए 4.11 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद

तीनों विद्यालयों के लिए जारी और स्वीकृत धनराशि का सीधा लाभ वहां पढ़ने वाली छात्राओं को मिलने की उम्मीद है। भवनों के निर्माण और पुनर्निर्माण के बाद विद्यालयों में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। इससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी सुविधा मिलेगी।

स्कूल भवन केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यालय की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था के लिए आधार तैयार करते हैं। सुरक्षित भवन होने से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई का माहौल भी बेहतर हो सकता है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालय भवनों के निर्माण पर किया जा रहा खर्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों का पुनर्निर्माण तथा अधूरे भवनों को पूरा करना दोनों ही शिक्षा व्यवस्था की जरूरत हैं।

बिजनौर में तीन राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों के लिए जारी धनराशि इसी प्रयास का हिस्सा है। सरकड़ा के लिए 6.97 करोड़, मानिकपुर के लिए 5.75 करोड़ और राजापुर के अधूरे भवन के लिए 4.11 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस तरह कुल 15.43 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि इन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है।

अब निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों और समयसीमा के अनुसार पूरा करना महत्वपूर्ण होगा। यदि कार्य समय पर पूरे होते हैं तो आने वाले समय में छात्राओं को सुरक्षित भवन, बेहतर कक्षाएं और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से विद्यालयों के कायाकल्प की यह पहल सरकारी माध्यमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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