उत्तर प्रदेश

यूपी में छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की प्रक्रिया तेज

Kavita2
11 Aug 2026 9:16 AM IST
यूपी में छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की प्रक्रिया तेज
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर रही छात्राओं के लिए मुफ्त स्कूटी योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। योगी सरकार की ओर से योजना को कैबिनेट की मंजूरी दिए जाने और इसके लिए बजट आवंटित किए जाने के बाद अब पात्र छात्राओं की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से संबंधित पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्राओं की जानकारी मांगी जा रही है। अधिकारी प्राप्त सूचियों का परीक्षण कर पात्र छात्राओं की अंतिम सूची तैयार करने में जुटे हैं।

सरकार की योजना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाएगी। इसके लिए संबंधित पाठ्यक्रम में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को पात्र माना जाएगा। योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उनकी आवागमन संबंधी परेशानियों को कम करना है। खास तौर पर उन छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा, जो पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर कॉलेज या विश्वविद्यालय जाती हैं।

टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं का होगा चयन

योजना के तहत प्रत्येक पाठ्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का चयन उनके शैक्षणिक परिणाम के आधार पर किया जाएगा। संबंधित पाठ्यक्रम में टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर छात्राओं की मेरिट तैयार की जाएगी। अधिकारियों की ओर से प्राप्त सूची का परीक्षण करने के बाद पात्र छात्राओं का अंतिम चयन किया जाएगा।

योजना में यह भी ध्यान रखा गया है कि कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों की मेधावी छात्राएं लाभ से वंचित न रह जाएं। कई पाठ्यक्रम ऐसे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या काफी कम है। ऐसे पाठ्यक्रमों में कुल छात्राओं का पांच प्रतिशत निकालने पर पात्र छात्राओं की संख्या एक से भी कम आ रही है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने कम से कम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी देने का फैसला किया है।

इस प्रावधान के चलते कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों में भी मेधावी छात्राओं को योजना का लाभ मिल सकेगा। यानी किसी पाठ्यक्रम में छात्राओं की संख्या इतनी कम है कि पांच प्रतिशत के हिसाब से एक छात्रा भी पात्र नहीं बनती, तब भी उस पाठ्यक्रम की कम से कम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी दी जाएगी।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से मांगी जा रही सूची

योजना को लागू करने के लिए अब संबंधित विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से छात्राओं का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। संस्थानों से विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्राओं और उनके परीक्षा परिणाम से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है। इसके आधार पर प्रत्येक पाठ्यक्रम की मेरिट तैयार की जाएगी।

अधिकारियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम आंकड़ों का सही सत्यापन करना है। छात्राओं की संख्या, पाठ्यक्रम, परीक्षा परिणाम और मेरिट से जुड़े विवरणों की जांच के बाद ही अंतिम सूची तैयार होगी। कोशिश की जा रही है कि पात्र छात्राओं के चयन में पारदर्शिता बनी रहे और योजना का लाभ वास्तविक रूप से मेधावी छात्राओं तक पहुंचे।

कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान

सरकार ने योजना के नियमों में कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की है। दरअसल, पांच प्रतिशत का आंकड़ा निकालने पर कई छोटे पाठ्यक्रमों में पात्र छात्राओं की संख्या एक से कम हो सकती है। यदि केवल प्रतिशत के आधार पर चयन किया जाए तो ऐसे पाठ्यक्रमों की कोई भी छात्रा योजना का लाभ नहीं पा सकेगी।

इसी समस्या को देखते हुए कम से कम एक छात्रा को स्कूटी देने का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के लिए भी योजना का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि छात्राओं की संख्या कम होने के कारण किसी मेधावी छात्रा को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने की कोशिश

मुफ्त स्कूटी योजना को छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के सामने अक्सर कॉलेज तक पहुंचने के लिए परिवहन की समस्या रहती है। कई छात्राओं को सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि कुछ को कॉलेज पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

ऐसे में स्कूटी मिलने से छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आने-जाने में सुविधा होगी। इससे समय की बचत के साथ उनकी शिक्षा जारी रखने में भी मदद मिल सकती है। योजना का एक उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना भी है।

जल्द जारी हो सकती है अंतिम सूची

फिलहाल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से छात्राओं का ब्योरा जुटाने और उसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। संस्थानों से प्राप्त आंकड़ों की जांच के बाद पाठ्यक्रमवार मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद पात्र छात्राओं की अंतिम सूची तैयार कर स्कूटी वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार की ओर से कैबिनेट की मंजूरी और बजट आवंटन पहले ही किया जा चुका है, इसलिए अब योजना के क्रियान्वयन पर पूरा जोर है। अधिकारियों के स्तर पर सूची तैयार करने और पात्रता संबंधी विवरणों के सत्यापन का काम तेजी से किया जा रहा है।

फिलहाल छात्राओं की निगाहें अंतिम सूची और स्कूटी वितरण की प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि तय प्रक्रिया के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो जल्द ही प्रदेश की बड़ी संख्या में मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। खास बात यह होगी कि कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों की मेधावी छात्राओं को भी योजना से बाहर नहीं किया जाएगा और ऐसे प्रत्येक पाठ्यक्रम में कम से कम एक छात्रा को इसका लाभ दिया जाएगा।

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