उत्तर प्रदेश

अयोध्या परियोजनाओं पर चर्चा की तैयारी

Saba Naaz
30 Jun 2026 9:49 PM IST
अयोध्या परियोजनाओं पर चर्चा की तैयारी
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अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक 6 जुलाई को होने की संभावना जताई जा रही है। यह बैठक पहले 7 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसके एक दिन पहले आयोजित होने की चर्चा है। बैठक में ट्रस्ट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा, जिसमें भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर विशेष रूप से चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन इस्तीफों को लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी और संभावना जताई जा रही है कि इन्हें स्वीकार किया जा सकता है। यदि दोनों इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं, तो ट्रस्ट में कई पद खाली हो जाएंगे।

वर्तमान में एक पद पहले से ही रिक्त है, क्योंकि ट्रस्ट के सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो चुका है और उनका स्थान अभी तक नहीं भरा गया है। ऐसे में ट्रस्ट में कुल तीन पद रिक्त होने की स्थिति बन सकती है।

ट्रस्ट के कई वरिष्ठ सदस्य जैसे अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास और वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन वृद्धावस्था और स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय भूमिका में नहीं हैं। ऐसे में ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। नए सदस्यों की नियुक्ति को लेकर भी विचार किया जा सकता है ताकि कार्य संचालन में गति लाई जा सके। इसके अलावा, ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद को लेकर भी चर्चा हो सकती है। यदि केंद्र सरकार इस पद को सृजित कर नियुक्ति करना चाहती है, तो इसके लिए ट्रस्ट के नियमों में संशोधन करना आवश्यक होगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार बिना नियम संशोधन के सीईओ की नियुक्ति संभव नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद लंबे समय से ट्रस्ट में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सीईओ की नियुक्ति की पक्षधर रही है। इस पद के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का नाम पहले से चर्चा में है। वहीं अब सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है। इस बैठक को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें न केवल इस्तीफों पर निर्णय होगा बल्कि ट्रस्ट के भविष्य की दिशा भी तय हो सकती है।

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