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राम मंदिर ट्रस्ट में पहले CEO की नियुक्ति की तैयारी तीन उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बुधवार को महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच ट्रस्ट अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति करने की तैयारी में है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चयन समिति इन नामों को ट्रस्ट के सामने रख सकती है, जिसके बाद पहले CEO के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली है। बैठक अयोध्या की मणिरामदास छावनी में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर होगी। इसमें ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन की व्यापक, पारदर्शी व तकनीक-सक्षम प्रक्रिया पूर्ण हुई।
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) September 1, 2026
5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 अभ्यर्थियों से विस्तृत संवाद किया गया। आज चयन समिति ने तीन अत्यंत योग्य प्रत्याशियों का अंतिम पैनल न्यास को सौंप दिया।… pic.twitter.com/x0USk5KZ5p
सबसे ज्यादा नजर राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति पर रहेगी। इस पद के लिए तीन उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। खबरों के अनुसार, चयन समिति तीनों नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट के स्तर पर चर्चा कर इनमें से किसी एक उम्मीदवार के नाम को मंजूरी दी जा सकती है।
CEO की नियुक्ति राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, चढ़ावे का प्रबंधन, मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं और विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों को देखते हुए पेशेवर स्तर पर प्रबंधन की जरूरत लगातार बढ़ी है।
बैठक में ट्रस्ट के सचिव के नाम की भी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। जगदीश आफले को मंदिर ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया जाएगा। बुधवार की बैठक में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक और महत्वपूर्ण पद औपचारिक रूप से भर जाएगा।
इसके अलावा बैठक में दो पैनल सदस्यों और महासचिव के नामों को भी अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इन पदों के लिए प्राप्त कुल 5,585 आवेदनों की समीक्षा की गई है। बड़ी संख्या में मिले आवेदनों के बाद चयन प्रक्रिया कई चरणों से गुजरी है और अब अंतिम नामों पर निर्णय लिया जा सकता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले के बाद मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में CEO और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां ट्रस्ट की प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
राम मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की ओर से नकद राशि के साथ सोना, चांदी और अन्य वस्तुएं भी चढ़ावे के रूप में दी जाती हैं। इतनी बड़ी व्यवस्था को संभालने के लिए पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक प्रणाली की जरूरत होती है। ट्रस्ट के सामने मंदिर की धार्मिक व्यवस्था के साथ वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी सुचारू रूप से संचालित करने की चुनौती है।
CEO की भूमिका इसी लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और ट्रस्ट के फैसलों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि CEO के अधिकार और जिम्मेदारियों का विस्तृत स्वरूप नियुक्ति के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बैठक में सचिव की नियुक्ति भी प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का हिस्सा मानी जा रही है। जगदीश आफले के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद वह ट्रस्ट के पहले सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा अन्य पदों पर नियुक्तियों से ट्रस्ट की नई प्रशासनिक टीम का स्वरूप भी स्पष्ट हो सकता है।
5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया यह बताती है कि नियुक्तियों के लिए बड़े स्तर पर चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। अब ट्रस्ट के सामने शॉर्टलिस्ट किए गए नामों में से योग्य उम्मीदवारों का चयन करने की जिम्मेदारी होगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर के निर्माण, संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालता है। मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी और परिसर में गतिविधियों के विस्तार के साथ ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए अधिकारियों की नियुक्ति को भविष्य की जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।
चढ़ावे से जुड़े हालिया विवाद ने वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है। ऐसे समय में नए CEO की नियुक्ति से ट्रस्ट की प्रशासनिक जवाबदेही और प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि चढ़ावे से जुड़े आरोपों और नियुक्ति प्रक्रिया को अलग-अलग प्रशासनिक विषयों के रूप में भी देखा जाना जरूरी होगा।
बुधवार की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले होने की संभावना के कारण सभी की नजर मणिरामदास छावनी पर रहेगी। दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली बैठक में CEO पद के तीन शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा। साथ ही सचिव के तौर पर जगदीश आफले के नाम की आधिकारिक घोषणा और अन्य पदों को लेकर भी फैसला हो सकता है।
यदि बैठक में CEO के नाम को मंजूरी मिलती है तो यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण कदम होगा। पहली बार ट्रस्ट में CEO की औपचारिक नियुक्ति होने से मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए नया प्रशासनिक ढांचा सामने आएगा।
फिलहाल चयन समिति की ओर से तीन शॉर्टलिस्ट नाम ट्रस्ट को सौंपे जाने का इंतजार है। बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन होगा और नई प्रशासनिक व्यवस्था में किन अन्य लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।





