उत्तर प्रदेश

Ram Mandir ट्रस्ट में बदलाव की तैयारी, महासचिव पद से सीईओ चयन तक चर्चा

Ratna Netam
21 July 2026 5:11 PM IST
Ram Mandir  ट्रस्ट में बदलाव की तैयारी, महासचिव पद से सीईओ चयन तक चर्चा
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Ayodhya अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (ट्रस्ट) की अहम बैठक बुधवार को अयोध्या में होने जा रही है। भगवान श्रीराम लला मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच होने वाली इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक में ट्रस्ट के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें महासचिव पद, खाली न्यासी पदों की नियुक्ति और राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया शामिल है।

बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के सदस्य मंगलवार से ही अयोध्या पहुंचने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि, सदस्य विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य, वासुदेवानंद सरस्वती और कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन मंगलवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। अन्य सदस्यों के भी बैठक से पहले पहुंचने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। ट्रस्ट में महासचिव का पद लंबे समय से चर्चा में है। इसके अलावा न्यासियों के तीन खाली पदों को भरने को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।

राम मंदिर ट्रस्ट में वर्तमान समय में तीन पद रिक्त हैं। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के महासचिव पद से जुड़े बदलाव और न्यासी पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर बैठक में चर्चा होगी। हाल ही में ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद एक पद खाली हुआ था। वहीं, अन्य कारणों से भी ट्रस्ट में कुछ पद रिक्त हुए हैं।

बैठक में राम मंदिर के पहले सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। मंदिर निर्माण, व्यवस्थाओं और भविष्य की प्रशासनिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए सीईओ पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार को देखते हुए ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। सीईओ की नियुक्ति इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

वहीं, राम मंदिर चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद ट्रस्ट की यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस मामले को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बैठक में इस विषय पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि नए सदस्यों की नियुक्ति के साथ-साथ नए महासचिव के चयन पर भी मंथन किया जा सकता है। ट्रस्ट के कामकाज को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी और जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की स्थापना राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन के लिए की गई थी। मंदिर निर्माण के बाद अब ट्रस्ट का फोकस श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मंदिर प्रशासन और भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने पर है।

बुधवार को होने वाली बैठक में लिए जाने वाले फैसलों से ट्रस्ट की आगामी कार्यप्रणाली की दिशा तय हो सकती है। अयोध्या और देशभर के राम भक्तों की नजर अब इस बैठक के निर्णयों पर टिकी हुई है।

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