- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- शामली गोरखपुर हाईवे के...

x
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को पूर्वांचल और नेपाल सीमा से जोड़ने वाले शामली-गोरखपुर हाईस्पीड नेशनल हाईवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार हो गई है। करीब 745 किलोमीटर लंबे इस प्रवेश नियंत्रित कॉरिडोर को चार लेन का बनाया जाएगा। भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर इसे छह लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। परियोजना पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह हाईस्पीड कॉरिडोर हरियाणा के पानीपत से लगे शामली बॉर्डर से शुरू होगा और कुशीनगर में नेपाल की सीमा के पास समाप्त होगा। रास्ते में यह उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कुछ हिस्सों से भी गुजरेगा। बेहतर निगरानी और समय पर निर्माण पूरा करने के लिए परियोजना को दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण NHAI के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय और दूसरा चरण वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय की निगरानी में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण पर खर्च होंगे ₹20 हजार करोड़
परियोजना के पहले चरण के तहत शामली से शाहजहांपुर तक हाईवे बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 348.039 किलोमीटर होगी और निर्माण पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह हिस्सा शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर से होकर गुजरेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पहले चरण में 70 मीटर चौड़ा कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें नौ रेलवे ओवरब्रिज, 12 फ्लाईओवर, 15 इंटरचेंज, 25 बड़े और 125 छोटे पुल बनाने का प्रस्ताव है। सड़क चार लेन की होगी, लेकिन इसके स्ट्रक्चर को भविष्य में छह लेन की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
दूसरे चरण में पूर्वांचल तक होगा निर्माण
दूसरा चरण लखीमपुर खीरी से कुशीनगर तक बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 397.137 किलोमीटर होगी और निर्माण पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
यह हिस्सा लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर से होकर गुजरेगा। इस चरण में भी जमीन अधिग्रहण से जुड़ी प्रारंभिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
दूसरे चरण में आठ रेलवे ओवरब्रिज, 22 फ्लाईओवर, 20 इंटरचेंज, 38 बड़े और 145 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसकी चौड़ाई भी 70 मीटर निर्धारित की गई है। दोनों चरण पूरे होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज एवं निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।
निर्धारित स्थानों से ही मिलेगी एंट्री
शामली-गोरखपुर हाईवे को एक्सप्रेसवे की तरह प्रवेश नियंत्रित बनाया जाएगा। इसका मतलब है कि वाहन बीच में किसी भी स्थान से हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। वाहनों के लिए निर्धारित इंटरचेंज, टोल प्लाजा और एंट्री-एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे।
कॉरिडोर पर वाहनों की औसत गति करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे रखने की योजना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा में लगने वाला समय कम हो सकता है। प्रवेश नियंत्रित व्यवस्था से स्थानीय यातायात का दबाव भी मुख्य कॉरिडोर पर नहीं आएगा।
10 राष्ट्रीय राजमार्गों से होगा जुड़ाव
यह हाईस्पीड कॉरिडोर रास्ते में 10 राष्ट्रीय राजमार्गों को पार करेगा। इन स्थानों पर इंटरचेंज तैयार किए जाएंगे, जिससे दूसरे राष्ट्रीय राजमार्गों से आने वाले वाहन इस कॉरिडोर पर प्रवेश कर सकेंगे।
इसमें एनएच-927, एनएच-730, एनएच-709बी, एनएच-344, एनएच-58, एनएच-74, एनएच-9, एनएच-24 और एनएच-731 सहित प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इस कनेक्टिविटी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वांचल के बीच माल परिवहन तथा यात्री आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
मंजूरी के बाद तय होगी निर्माण तिथि
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक हाईस्पीड कॉरिडोर का सर्वे पूरा हो गया है और DPR को मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। मुख्यालय से अनुमोदन मिलने के बाद बजट, टेंडर और निर्माण शुरू करने की तारीख तय की जाएगी।
परियोजना के अलग-अलग हिस्सों का काम कई निजी एजेंसियों को दिया जा सकता है। इससे दोनों चरणों में एक साथ निर्माण शुरू करने, काम की निगरानी बेहतर बनाने और परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
TagsShamliGorakhpurhighwayconstructionpreparationfastशामलीगोरखपुरहाईवेनिर्माणतैयारीतेजजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





