उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा की तैयारी तेज, प्रशासन ने कसी कमर

Kavita2
2 Aug 2026 11:53 AM IST
कांवड़ यात्रा की तैयारी तेज, प्रशासन ने कसी कमर
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हापुड़। सावन माह की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर व्यापक योजना तैयार की जा रही है।

इसी क्रम में शनिवार को पिलखुवा स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेटों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

जिलाधिकारी कविता मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर तैनात सभी मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद रहकर ही किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सकता है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके। प्रशासन ने कहा कि छोटी से छोटी सूचना को भी गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए।

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों की जानकारी दी। कांवड़ यात्रा मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई गई है।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है। इसके लिए यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। ऐसे में मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पार्किंग, रूट डायवर्जन और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी तैयारियां की हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखी जाए। किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यात्रा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई, पेयजल व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखें और किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी की जाएगी।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी और यात्रा को सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग के साथ काम करने का भरोसा दिलाया।

जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा और आस्था से जुड़ा बड़ा आयोजन है। इसलिए प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले। सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

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