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Kanwar यात्रा 2026 की तैयारी तेज, बड़े डीजे और कांवड़ पर प्रतिबंध

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर मेरठ पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रावण मास के दौरान जिले के 776 शिवालयों समेत 13 प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस बल की तैनाती और निगरानी की योजना तैयार की गई है।
मेरठ के तीन प्रमुख मंदिरों पर बड़ी संख्या में कांवड़िये जलाभिषेक करेंगे। इन स्थानों पर मेले का भी आयोजन होगा, जिसे देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रमुख मंदिर औघड़नाथ मंदिर पर एक अस्थाई कांवड़ थाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा नौ अस्थाई पुलिस चौकियां भी स्थापित की जाएंगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
औघड़नाथ मंदिर में सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। जिले के सभी शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था के तहत थानावार दो-दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है।
कांवड़ यात्रा के लिए मेरठ जिले में सात प्रमुख कांवड़ मार्गों को चिन्हित किया गया है। इन सभी मार्गों की कुल लंबाई करीब 228 किलोमीटर है। इन मार्गों पर पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा के लिए जिले को छह सुपर जोन, 24 जोन, 64 सेक्टर और 44 सब-सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक एक किलोमीटर क्षेत्र की निगरानी के लिए एक सब-सेक्टर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा के लिए जिले में 78 पुलिस पिकेट और 26 बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अलावा रेलवे क्रॉसिंग और टोल प्लाजा पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कांवड़ यात्रा के दौरान पांच रेलवे क्रॉसिंग और पांच टोल प्लाजा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
कांवड़ यात्रा और डीजे को लेकर मेरठ पुलिस ने विशेष गाइडलाइन भी जारी की है। पुलिस के अनुसार कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं डीजे की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं रखी जाएगी। पुलिस ने डीजे संचालकों को भी निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने और अधिक बड़े डीजे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने जिले में 64 मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
कांवड़ शिविरों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिविर संचालकों को सड़क से 10 से 12 फीट की दूरी छोड़कर शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। कांवड़िये गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग, एनएच-58 और शहर के अंदर के पांच प्रमुख रास्तों से गुजरेंगे।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 197 शराब की दुकानों, 193 मीट की दुकानों और 110 नॉनवेज होटलों को चिन्हित किया है। इसके अलावा 70 ढाबों की भी पहचान की गई है। शराब की दुकानों पर पहले की तरह पर्दे लगाए जाएंगे, जबकि मीट की दुकानों को यात्रा अवधि के दौरान बंद रखने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। पुलिस और प्रशासन लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।





