उत्तर प्रदेश

दीपोत्सव 2026 की तैयारी तेज, 34 कंपनी PAC संभालेगी मोर्चा

Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 3:02 PM IST
दीपोत्सव 2026 की तैयारी तेज, 34 कंपनी PAC संभालेगी मोर्चा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां की हैं। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के निर्देश पर 45 पुलिस कमिश्नरेट, जिलों और जीआरपी थाना क्षेत्रों के लिए 34 कंपनी और एक प्लाटून प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) बल आवंटित किया गया है। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों, घाटों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। विशेष रूप से अयोध्या के दीपोत्सव-2026 और चित्रकूट के दीपावली अमावस्या मेले को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।पुलिस मुख्यालय की ओर से आवंटित पीएसी बल का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, घाटों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त बढ़ाने और पुलिस अधिकारियों को लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं।
धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में बड़ी संख्या में खरीदारों के पहुंचने की संभावना रहती है। विशेष रूप से सराफा बाजारों, इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों, कपड़ा बाजारों और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन भी पुलिस की प्राथमिकता में रहेगा।प्रशासन का प्रयास रहेगा कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को खरीदारी और आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया जा सकेगा।
पुलिस मुख्यालय की ओर से किए गए बल आवंटन के अनुसार लखनऊ और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को दो-दो कंपनी पीएसी दी गई हैं। अयोध्या और अलीगढ़ को भी दो-दो कंपनी पीएसी आवंटित की गई हैं। वहीं, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़ और गोरखपुर जैसे जिलों को एक-एक कंपनी पीएसी उपलब्ध कराई गई है।इसके अतिरिक्त आगरा, सहारनपुर, मथुरा, मीरजापुर और अन्य क्षेत्रों के लिए भी आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई है। चित्रकूट और मऊ जैसे धार्मिक आयोजनों वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
इस बार सुरक्षा व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र अयोध्या रहेगा। भगवान श्रीराम की नगरी में आयोजित होने वाले दीपोत्सव-2026 को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।अयोध्या में दीपोत्सव को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सात अपर पुलिस अधीक्षक, 20 पुलिस उपाधीक्षक, 27 निरीक्षक और 70 उपनिरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ 14 महिला उपनिरीक्षक, 300 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी और 25 महिला आरक्षी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
दीपोत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एजेंसियों की सहायता भी ली जाएगी। पीएसी के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी उपलब्ध कराई गई हैं।अयोध्या में प्रमुख धार्मिक स्थलों, आयोजन स्थलों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाना होगी।
इसके लिए पुलिस बल को निर्धारित स्थानों पर तैनात करने के साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो।वहीं, चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले के मद्देनजर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए तीन कंपनी और दो प्लाटून पीएसी बल आवंटित किया गया है।
चित्रकूट में अतिरिक्त पुलिस उपाधीक्षकों के साथ यातायात पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। किसी संदिग्ध वस्तु या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते की एक टीम, दो एंटी-सैबोटाज चेक टीम और एसडीआरएफ की एक टीम उपलब्ध कराई गई है।इसके अलावा यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए दो पुलिस उपाधीक्षक, चार यातायात उपनिरीक्षक और 40 यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
डीजीपी ने स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।त्योहारों के दौरान धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। संबंधित अधिकारियों को आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सतर्क रहने पर जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी ऐसी सूचना पर तत्काल ध्यान दिया जाए, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ महापर्व को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के घाटों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की आवश्यकता होगी।
छठ पर्व के दौरान घाटों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन को अपने क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।उत्तर प्रदेश पुलिस की इस व्यापक व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए।
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